Home Uncategorized अमनमणि और अमरमणि के लिए उत्तराखंड में कोई कानून नहीं, तंत्र पर...

अमनमणि और अमरमणि के लिए उत्तराखंड में कोई कानून नहीं, तंत्र पर लग चुका है दीमक

278
0

राकेश डंडरियाल

कर्णप्रयाग : उत्तराखंड में भ्रस्टाचार इस कदर बढ़ गया हैं कि रसूखदारों के लिए कोई कानून जैसा शब्द नहीं रह गया हैं,चाहे वे जनता के प्रतिनिधि हो या प्रशासनिक। हालत यहाँ तक आ गए हैं कि ईमानदार अधिकारी अपनी जान छुड़ाने के लिए छटपटा रहे हैं , माफिया इतना हावी हो गया हैं कि खुलेआम उत्तराखंड के लोगों को धमकी मिल रही हैं , बिगत बीस सालों में अगर उत्तराखंड में कुछ बढ़ा हैं, तो वो हैं, उत्तराखंड को लूटो वाला संगठित गठबंधन। जिसमें नेता, खनन माफिया , जमीन माफिया , भ्रस्ट नौकरशाह , जिसका का एक नमूना रविवार को देखने को मिला ,जब उत्तर प्रदेश का एक बिधायक अमन मणि त्रिपाठी खुले आम अपनी हनक दिखाते हुए व नियम-कायदों को ताक पर रखते हुए बद्रीनाथ जाते हुए पकड़ा गया । पिता अमरमणि पहले ही उत्तराखंड से गायब हैं। आखिर पूछेगा कौन ? दोनों तरफ डबल इंजन लगा हैं , स्पीड इतनी तेज हैं कि आम आदमी की क्या मजाल , सवाल पूछ लें , तो उड़ा लें जायगा डबल स्पीड वाला इंजन ।

रविवार शाम महाराजगंज के बिधायक अमन मणि त्रिपाठी तीन कारों में सवार होकर अपने 10 साथियों के साथ बदरीनाथ के लिए निकल पड़े , जबकि उन्हें पता था , बद्रीनाथ के कपाट अभी खुले नहीं हैं , फिर भी हनक देखिये , जब गोचर पुलिस ने उन्हें बैरियर पर रोका तो भीड़ गया पुलिस वालों से । कर्णप्रयाग के थाना प्रभारी ने जब परमिशन के बारे में पूछा तो करने लगा अभद्रता ।  उस पर भी हिम्मत इतनी कि निकलने लगा वहां से , जिसके बाद पुलिस ने तीनों गाड़ियों को रोक लिया , जिसके बाद किरकिरी होकर वापस निकल पड़े महाशय ।
अब सुनिए बहाना : विधायक ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वर्गीय पिता के पितृ कार्य के निमित्त बदरीनाथ जा रहे हैं। तो आखिर क्या है योगी जी के स्वर्गीय पिता के लिए अमनमणि की निष्ठा जिसे वे पूरा करने जा रहे थे , क्या उनका परिवार नहीं हैं , माना योगी आदित्यनाथ ने परिवार का सांसारिक परित्याग कर दिया था, जिसका जिक्र उन्होंने अपने पत्र में भी किया था , लेकिन उनका दूसरा बेटा जब सब कुछ देख रहा है तो ये अमनमणि का पितृ प्रेम कहाँ से जागा?

योगी आदित्यनाथ के भाई महेंद्र सिंह बिष्ट का भी बयांन
इस बीच योगी आदित्यनाथ के भाई महेंद्र सिंह बिष्ट का भी बयांन आया है जिसमें उन्होंने अमनमणि त्रिपाठी को लेकर अपनी नाराजगी जताई है। महेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि अमनमणि को किस हक से पिताजी के संबंध में पूजा की परमिशन दी गई है। क्या हमारे पिता जी के तीनों बेटे तमाम तरह की पूजा पाठ और पिंडदान करवाने के लिए नहीं है। अमनमणि होते कौन हैं ? हमारे पिता जी के नाम से पूजा पाठ करवाने वाले, हम कल ही फूल चट्टी में पिता जी का अस्थि विसर्जन करवा चुके हैं।

उनके पास बाकायदा उत्तराखंड के अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश और देहरादून के अपर जिलाधिकारी रामजी शरण के हस्ताक्षर से जारी अनुमति पत्र भी था । पत्र में बदरीनाथ के साथ ही केदारनाथ यात्रा की भी अनुमति दी गई है। तो क्या इन अधिकरियों को नही पता था कि बद्रीनाथ धाम अभी बंद हैं ,और केदारनाथ आम लोगों कि लिए खुला नहीं हैं ? लेकिन खनन की हनक वाले ये उत्तराखंड के बरिष्ट अधिकारी ,जो अब उत्तराखंड कि लिए अब दीमक बन चुके हैं, उन्हें क्या, साहेब से बनाकर रखेंगे तो आगे भी मौके आएंगे।

डीजीपी अशोक कुमार (क्राइम) के अनुसार विधायक अमन मणि को मुनिकीरेती क्षेत्र में रोक दिया गया जहाँ विधायक समेत 12 लोगों के खिलाफ धारा 188 और राष्ट्रीय आपदा एक्ट में मामला दर्ज किया गया। बाद में निजी मुचलके पर उन्हें व उनके साथियों को छोड़ा गया। सवाल यही से उठता हैं कि जिस अधिकारी ने अमन मणि को परमिशन दी उसे क्या सजा मिलनी चाहिए , जनता को तो खुलेआम मुर्गा बनाया जा रहा हैं ,क्या इनके लिए कोई कानून नहीं होना चाहिए ? क्या सरकार का मुखिया इस ओर ध्यान देगा ? नहीं , रात गई बात गई वाली कहानी हैं मात्रा।

कौन हैं अमन मणि त्रिपाठी

मनमणि त्रिपाठी महाराजगंज के नौतनवा विधानसभा सीट से विधायक हैं

पिता अमरमणि त्रिपाठी मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं

पत्नी की हत्या का आरोप

अमनमणि त्रिपाठी पर अपनी पत्नी सारा की हत्या का आरोप हैं, इस सिलसिले में जेल जा चुके हैं ।
फ़िलहाल हाई कोर्ट से जमानत पर हैं।

पत्नी की हत्या के  आरोप में चार साल पहले 2016 में गिरफ्तार भी किया गया था।

2017 में वह जमानत पर छूटकर बाहर आए थे। उन्होंने स्वतंत्र प्रत्याशी के तौर पर विधायक का चुनाव जीता।

पत्नी की हत्या में नाम आने पर समाजवादी पार्टी से उनका टिकट भी कट गया था।

अमनमणि त्रिपाठी 9 जुलाई 2014 को अपनी पत्नी सारा के साथ डिजायर कार द्वारा लखनऊ से दिल्ली जा रहे थे। फिरोजाबाद के सिरसागंज थाना क्षेत्र में अमन मणि त्रिपाठी की डिजायर कार एक बच्चे को बचाने में दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसके बाद सारा की मौत हो गई थी ।

LEAVE A REPLY