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चारधाम यात्रा : ड्यूटी पर मुस्तैद सिपाही मोहन सिंह को मिलेगा पांच हज़ार का इनाम व प्रशस्ति पत्र

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दिलबर बिष्ट /राकेश चंद्र

रुद्रप्रयाग। समय- रात के बारह बजे , स्थान सोनप्रयाग पुलिस बैरियर, तभी एक निजी वाहन बैरियर के पास आता हैं ,बैरियर पर तैनात कॉन्स्टेबल मोहन सिंह गाडी को रोक देते हैं । यात्री सिपाही मोहन सिंह से अनुरोध करता हैं कि उन्हें आगे जाने दिया जाय। कॉन्स्टेबल मोहन सिंह उस व्यक्ति से कहते हैं, निजी वाहन को आगे जाने की अनुमति नहीं है, लिहाजा उन्हें अपना वाहन वहीं छोड़ना होगा। गाड़ी से उतरा व्यक्ति सिपाही मोहन सिंह से काफी अनुरोध करता है कि उन्हें जाने दिया जाए , लेकिन सिपाही हैं कि टस से मस नहीं, अब वह व्यक्ति 200 रुपये सुविधा शुल्क के रूप में देने का प्रयास करता है , लेकिन मोहन सिंह नियम-कायदों पर अड़ा रहता हैं और चेतावनी देता हैं कि रिश्वत देने के अपराध में वह उन्हें बंद करा देगा।

जी ये कहानी हैं उस कर्तव्य परायण सिपाही की जिसने केदारनाथ यात्रा के प्रमुख पड़ाव सोनप्रयाग में बैरियर पर जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल को चेतावनी दे डाली कि वो उन्हें बंद कर देगा। दरअसल, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल बार बार कॉन्स्टेबल को प्रलोभन दे रहे थे, लेकिन उसके बाद भी कॉन्स्टेबल मोहन सिंह ने जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल के निजी वाहन को गौरीकुंड ले जाने की अनुमति नहीं दी। जब जिलाधिकारी फिर उससे अनुरोध करने और प्रलोभन देने लगे तो मोहन सिंह ने दे डाली कि वह उन्हें बंद कर देगा। सोनप्रयाग थाने में तैनात कांस्टेबल की इस कर्तव्यपरायणता से जिलाधिकारी बेहद प्रभावित हुए और उसे स्वयं सम्मानित करने का निर्णय लिया।

गौरतलब हैं कि रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल वेश बदलकर आम यात्री की तरह गौरीकुंड समेत विभिन्न पड़ाव स्थलों के निरीक्षण पर निकले थे। इस बीच रात बारह बजे जब वह निजी वाहन से सोनप्रयाग पुलिस बैरियर के पास पहुंचे तो वहां तैनात कॉन्स्टेबल मोहन सिंह ने उन्हें रोक दिया। कॉन्स्टेबल ने कहा कि आगे निजी वाहन ले जाने की अनुमति नहीं है, लिहाजा उन्हें अपना वाहन वहीं छोड़ना होगा।

जिलाधिकारी ने सिपाही मोहन सिंह से काफी अनुरोध किया, यहां तक कि 200 रुपये सुविधा शुल्क देने का प्रयास भी किया। लेकिन मोहन सिंह नियम-कायदों पर अड़ा रहा और चेतावनी दी कि रिश्वत देने के अपराध में वह उन्हें बंद करा देगा। जिलाधिकारी ने कहा कि यात्रा पड़ावों पर यात्रियों का भारी दबाव है।

उन्होंने कहा कि मोहन सिंह की कर्तव्यपरायणता को देखते हुए वह स्वयं उसे नकद धनराशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे। उधर, कॉन्स्टेबल मोहन सिंह ने बताया कि उसे इस बात का कतई इल्म नहीं था कि वह डीएम साहब को रोक रहा है।