Home Formation of new lake at Chorabadi Near Kedarnath केदारनाथ : चौराबाड़ी ग्लेशियर के ऊपर बनी एक और झील

केदारनाथ : चौराबाड़ी ग्लेशियर के ऊपर बनी एक और झील

363
0

देहरादून। केदारघाटी में जिस चौराबाड़ी झील ने जून 2013 में कोहराम मचाया था अब उसी स्थान से करीब ढाई किलोमीटर ऊपर एक और ग्लेशियर में झील बनने की जानकारी मिली है। बताया जा रहा हैं कि यह झील ग्लेशियर के ऊपर बनी है।बताया जा रहा है कि झील 40 से 50 मीटर हो सकती है । इस बात की जानकारी सिक्स सिग्मा स्टार हेल्थकेयर व एसडीआरएफ की टीम ने दी है।

सिक्स सिग्मा स्टार हेल्थकेयर व एसडीआरएफ की टीम केदारनाथ क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर के लिए पहुंची थी ट्रेकिंग के दौरान टीम को झील दिखी। टीम की ओर से लिए गए चित्रों का अवलोकन करने के बाद वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों ने अपने आगामी दौरे के तहत झील का भी निरीक्षण करने का निर्णय लिया है।

वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के हिमनद विशेषज्ञ डॉ. डीपी डोभाल ने बताया कि जिस तरह से इस झील के ग्लेशियर के ऊपर बनने की जानकारी मिली है। इसे सुपर ग्लेशियर लेक (झील) कहा जा सकता है। ऐसी झील हमेशा ग्लेशियर के ऊपर ही बनती है।
डॉ. डीपी डोभाल ने बताया कि इस बार ग्लेशियर क्षेत्रों में जमकर बर्फवारी हुई हैं , जिस कारण यह झील अस्तित्व में आई होगी । ग्लेशियर से निकलने वाले मलबे व एवलान्च से निकलने वाली बर्फ एकत्रित हो जाने से इस झील बनने की आशंका है।

ग्लेशियर में लगातार बदलाव होते रहते हैं और इस कारण भी झील बनती-व ख़त्म होती रहती हैं। दूसरी तरफ ग्लेशियर के नीचे या सामने झील तब बनती हैं, जब ग्लेशियर के मलबे में आए बड़े-बड़े बोल्डर जमा हो जाते हैं। यह झील जल्दी से टूटती नहीं हैं और इसमें पानी एकत्रित होता रहता है। इसी तरह की झील अधिक खतरनाक भी होती हैं।

वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. डीपी डोभाल ने बताया कि वह जल्द चौराबाड़ी व डुकरानी ग्लेशियर का दौरा करेंगी और फिर इस झील की प्रकृति का भी अध्ययन किया जाएगा।

एसडीआरएफ के आइजी संजय गुंज्याल के मुताबिक, टीम के सदस्यों से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक झील तो बनी है, मगर उसमें पानी बहुत कम है। खतरे जैसी भी कोई बात अभी तक नजर नहीं आई। हमारे दल के सदस्य निश्चित अंतराल में चौराबाड़ी का दौरा करते रहते हैं। कुछ भी असामान्य नजर आने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

LEAVE A REPLY