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कैग की रिपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री ने कहा भ्रस्टाचारी कोई भी क्यों न हो , नहीं बक्शा जाएगा ।

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राकेश डंडरियाल

देहरादून : विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के कार्यकाल मैं पहली बार भारत के नियंत्रक एवं महा लेखापरीक्षक ने वर्ष 2017-18 की रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर राखी गई । भारत के नियंत्रक एवं महा लेखापरीक्षक ने वर्ष 2017-18 की रिपोर्ट में राज्य में 2271.8 करोड़ की वित्तीय अनियमितता पकड़ी है।

a मंगलवार को कार्यकारी संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने विधानसभा के पटल पर यह रिपोर्ट पेश की थी । रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान अलग-अलग विभागों ने वित्तीय अनियमितताएं कीं, जिससे राज्य को 2271 करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ। कैग ने कहा कि अफसर यदि नियम कायदों का पालन करते तो इस नुकसान को कम किया जा सकता था। सबसे अधिक गड़बड़ी वन, समाज कल्याण और खाद्य आपूर्ति विभाग में पकड़ी गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड की वित्तीय स्थिति भी ठीक ठाक नहीं हैं । सरकार को लोन का ब्याज चुकाने के लिए भी बाजार से उधार लेने की जरूरत पड़ सकती है। राज्य का राजस्व घाटा वर्ष 2017-18 में बेतहाशा बढ़ गया है। 2016-17 में राज्य का राजस्व घाटा 338 करोड़ था जो 17-18 में बढ़कर 1978 करोड़ पहुंच गया है। राज्य का राजकोषीय घाटा भी लगातार बढ़ रहा है। 2016-17 में राजकोषीय घाटा 5467 करोड़ था जो 2017-18 में बढ़कर 7935 करोड़ पहुंच गया है। कैग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य का राजकोषीय घाटा मानक लक्ष्य से अधिक है। कैग के अनुसार सरकार आकस्मिकता निधि से लिए गए बजट की प्रतिपूर्ति भी नहीं कर पा रही है।

सीएजी की रिपोर्ट सामने आने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बड़ा बयान दिया है मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि सीएजी रिपोर्ट के अनुसार जिस किसी ने भी गड़बड़ी की है उसको बख्शा नहीं जाएगा ।

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