Home Flower show in Chamoli Tulip in focus कोठियासैंण में फूलों की प्रदर्शनी , टयूलिप ने जीता सभी का मन

कोठियासैंण में फूलों की प्रदर्शनी , टयूलिप ने जीता सभी का मन

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मनमोहक टयूलिप ने जीता सभी का मन , अब कश्मीर जाने की जरुरत नहीं

सुभाष पिमोली

चमोली: राजकीय उद्यान कोठियासैंण में शनिवार से दो दिवसीय टयूलिप प्रदर्शनी का शानदार आगाज हुआ। प्रदर्शनी में वंसत ऋतु में खिलने वाला मनमोहक, विशुद्व और मिश्रत लाल, सुनहरे और बैंगनी रंग के टयूलिप पुष्प प्रमुख आर्कषण का केन्द्र बना हुआ हैं । वही गेंदा, कलेन्डुला, पिटुनिया, गुलाब आदि तरह तरह के फूलों की प्रदर्शनी ने भी सभी का मनमोह लिया। शनिवार को जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने राजकीय उद्यान कोठियासैंण में इस पुष्प प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए किसानों को पुष्प उत्पादन से जुड़कर अपने आर्थिकी को और मजबूत करने पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने उद्यान विभाग की पत्रिका ‘‘पुष्प उत्पादन आयाम और संभावनाएं’’ का विमोचन भी किया।

जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की खास पहल पर राजकीय उद्यान कोठियासैंण में पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसके लिए उद्यान विभाग के माध्यम से पिछले सात-आठ महीनों की कडी मेहनत से इस उद्यान में पहली बार रंग बिरेंगे टयूलिप्स पुष्प का भी उत्पादन किया गया। आज टयूलिप्स के ये पुष्प पूरे उद्यान में एक खूबसूरत छटा विखेर रहे है और देखने वालों को सहसा ही अपनी ओर आकर्षित कर रहे है।

जिलाधिकारी ने कोठियालसैंण में आयोजित पुष्प प्रदर्शनी का निरीक्षण करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। किसानों/काश्तकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि चमोली जिले में भी ये सब पुष्प हो सकते है। और बहुत कम समय तथा लागत में टयूलिप्स का इतना अच्छा गार्डन तैयार किया गया है। कहा कि चमोली में फ्लोरीकल्चर की आपार सभावनाएं है। यहाॅ के मंदिरों को अलग-अलग पर्व एवं त्यौहारों पर विभिन्न फूलों से सजाया जाता है। टयूलिप्स के अलावा गेंदे, गुलाब की भी अच्छी डिमांड रहती है। उन्होंने काश्तकारों को फूलों की खेती से जुड़कर इसको अपनी आर्थिकी का मजबूत जरिया बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने उन्नतशील किसानों को प्रशस्ति पर देकर सम्मानित भी किया।

जिला उद्यान अधिकारी ने काश्तकारों को फ्लोरीकल्चर के संबध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि टयूलिप बल्ब्स को पतझड के अंतिम समय में सर्दियों के शुरू होने से पहले बोया जाता है। सर्दियों के समय में यह निष्क्रिय रहेंगे और बहार के समय उगते और खिलते है। कहा कि टयूलिप्स स्वाभाविक रूप से परिवार्षिक पौधे है और हर साल फिर से उगते है। उन्होंने कहा कि किसानों को फ्लोरीकल्चर की जानकारी के लिए उद्यान गैलरी विकसित की जा रही है जिसमें औद्यानिक यंत्रों, कृषि उपकरणों, विभिन्न पुष्पों और जिले में उत्पादित किए जाने वाले रामतुलसी, फरड, तिल, हिलासू, हेडा, तिमलू, खेणा, चूलू, तेजपात आदि की जानकारी भी दी जा रही है।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे, सीवीओ आशुतोष भण्डारी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी वृजेन्द्र पांडे, जिला उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह एवं अन्य अधिकारियों सहित भारी संख्या में जिले के उन्नतशील किसान एवं काश्तकार मौजूद थे।

वही दूसरी ओर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने जिलासू में नवनिर्मित ग्रामीण हाॅट का लोकपर्ण भी किया। यहाॅ पर हर बुधवार को बुधवार नाम से बाजार लगेगा। जिसमें स्थानीय उत्पाद दाल, मसाले, सब्जी आदि का विपणन किया जाएगा। जिसका संचालन यहाॅ पर गठित 79 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कराया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से मनरेगा के माध्यम से 21.34 लाख की लागत से यहाॅ पर ग्रामीण हाॅट निर्मित किया गया। जिसका जिलाधिकारी ने शनिवार को लोकपर्ण किया। इस अवसर पर सीडीओ हंसादत्त पांडे, डीडीओ एसके राॅय एवं अन्य अधिकारीगण, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं एवं स्थानीय निवासी मौजूद थे।

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