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गंगा दशहरा पर खाली पड़े हैं घाट

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राजसत्ता न्यूज़ ब्यूरो

उत्तरकाशी: आज गंगा दशहरा है। आज ही के दिन यानि ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी (गंगा दशहरा) पर मां गंगा धरती पर अवतरण हुईं थीं। गंगा दशहरा का आध्यात्मिक व धार्मिक महत्व बताया गया है। इस दिवस पर गंगा स्नान व दान का खास महत्व है। तब से लेकर अब तक संभवतः यह पहला मौका है जब गंगा दशहरे पर हरिद्वार,व उत्तर प्रदेश के प्रमुख घाट बंद पड़े हुए हैं । गंगा के उद्गम स्थल गंगोत्री में भी महज 18 -20 लोगों की मौजूदगी में उत्सव का आयोजन हुआ । इधर हरिद्वार में भी इस मौके पर लगभग सन्नाटा ही पसरा रहा ।

गोमुख-गंगोत्री से निकली गंगा, उत्तर प्रदेश, बिहार होते हुए पश्चिम बंगाल के गंगासागर में समुद्र में मिलती है। गंगा एकमात्र नदी है, जिसका उद्गम से लेकर समुद्र में मिलने तक एक जैसा महत्व है। हालाँकि बिहार में इस मौके पर गंगा किनारे बने घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंच रहे हैं। लॉकडाउन में आज थोड़ी रियायत मिली है जिसका असर गंगा दशहरा पर दिख रहा है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा मैया की पूजा करने के लिए उमड़ पड़े हैं।

संभवतः ये पहला मौका है जब पूरे देश के गंगाघाटों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। गिनती के लोग घाटों पर मौजूद हैं। हरिद्वार, बनारस, इलाहबाद, पटना जैसे कई शहरों में इस बार गंगा में डुबकी लगाने वालों की संख्या ना के बराबर ही है।

राजा भगीरथ मा गंगा लप धरती पर लाए थे, इसलिए गंगोत्री में आज के दिन गंगा से पहले भगीरथ की पूजा होती है।

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