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गैरसैंण में शीतकालीन सत्र न किये जाने को लेकर हरीश रावत ने दिया धरना

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गैरसैंण में विधानसभा का शीतकालीन सत्र न किये जाने से नाराज पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गैरसैण में सांकेतिक धरना दिया ,

2022 में राज्य में कांग्रेस की सरकार आने पर गैरसैंण ही राज्य की राजधानी होगी।

चमोलीगैरसैंण: गैरसैंण में विधानसभा का शीतकालीन सत्र न किये जाने से नाराज पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गैरसैण में तीन घंटे का सांकेतिक धरना दिया , इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड हिमालयी प्रदेश है यहां ठंड तो होगी ही मगर मौजूदा प्रदेश सरकार ठंड के बहाने गैरसैण का विकास रोक देना चाहती है । प्रदेश के मुख्यमंत्री को माफी मांगनी चाहिये ।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत आज गाजे बाजे के गैरसैण पहुचे , यहां पहुचने के बाद कॉंग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हरीश रावत का जोरदार स्वागत किया , हरीश रावत के गैरसैण आगमन पर कॉंग्रेसियो की रैली मुख्य बाजार से होते हुए रामलीला मैदान पहुची , यहां पहुचने के बाद हरीश रावत ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की मूर्ति पर माल्यार्पण किया , गैरसैण के भराड़ीसैंण में विधानसभा का शीतकालीन सत्र आयोजित न किये जाने से नाराज पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सैकड़ो कॉंग्रेसियो की मौजूदगी में राष्ट्र गीत गाकर सांकेतिक उपवास शुरू किया ।

जनता को सम्बोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश में जो भी जन कल्याणकारी योजनाए कॉंग्रेश सरकार ने शुरू की थी वह आज बन्द पड़ी हुई है । हमने भराड़ीसैंण में सब कुछ तैयार कर के दे दिया है अब क्यो नही प्रदेश सरकार स्थायी राजधानी घोषित कर देती । बीते तीन सालों में प्रदेश का विकास पूरी तरह से ठप पड़ गया है । यह सरकार इन तीन सालों में विकास के नाम पर एक ईंट नही खड़ी कर पाई है। उत्तराखंड एक हिमालयी प्रदेश है यहां ठंडा होने स्वाभाविक बात है । मगर त्रिवेंद्र सरकार गैरसैण न आने को लेकर ठंड का बहाना बना रही है । इस बात पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत को माफी मांगनी चाहिए ।

उपवास कार्यक्रम में पूर्व विधायक सरिता आर्य, गणेश गोदियाल, डॉ. जीतराम, मदन बिष्ट, ललित फर्स्वाण, मनोज तिवारी, डॉ. एपी मैखुरी, राजेंद्र भंडारी, मनीष खंडूड़ी, किरन बिष्ट, करिश्मा, पृथ्वीपाल चौहान, सुरेंद्र बिष्ट, सुरेश बिष्ट, मुकेश नेगी, बीरेंद्र रावत, हरिकृष्ण भट्ट, कमल रावत, केएस बिष्ट, देवीदत कुनियाल, धनीराम भी शामिल हुए।

 

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