Home Uncategorized ग्रामीणों की शिकायत के बाद कुम्भकर्णी नींद से जगा प्रशासन । पिंडर...

ग्रामीणों की शिकायत के बाद कुम्भकर्णी नींद से जगा प्रशासन । पिंडर में अवैध खनन जारी

246
0


सुभाष पिमोली
थराली /चमोली । थराली विकासखण्ड के कुलसारी सहित नागरकोटियाणा में पिण्डर नदी पर रीवर ट्रेनिंग के नाम पर कोरोना की आड़ में अवैध खनन बदस्तूर जारी है ,आलम यह है कि स्थानीय प्रशासन आंखे मूंदे बैठा है और बिना ग्रामीणों की शिकायत के नियम कानूनों का तक पालन पट्टाधारकों से नही करवा पा रहा है,कुलसारी,देवलग्वाड़,सुनाऊ के ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी थराली को भेजे ज्ञापन में कुलसारी मल्ला बगड़ स्थित पट्टे से आवश्यकता से अधिक उपखनिज उठान की शिकायत ओर नदी के वेग को दूसरे गांवों की ओर परिवर्तित करने की शिकायत की थी ,आधार मूल्य से लगभग5 गुना ऊपर उठे इन रीवर ट्रेनिंग के पट्टो में खनन चोरी का भय ग्रामीणों को पहले ही सता रहा था जिसके बाद ग्रामीणों ने इस रीवर ट्रेनिंग से कृषकों की कृषि योग्य उपजाऊ भूमि को बचाने के लिए तहसील प्रशासन को ज्ञापन देकर सीमांकन और केवल सीमांकित क्षेत्र से ही निर्धारित मात्रा के उपखनिज के चुगान करने का आग्रह किया ,लेकिन हकीकत कुछ अलग ही है।
खनन कारोबारी पहले ही दिन से बिना अनुमति के नियम कानूनों को ठेंगा दिखाते हुए भारी मशीनों के साथ पिण्डर नदी में घुस गए और चुगान की जगह नदी में खुदान कार्य करने लगे ,नदी के ऊपर बांध बनाकर नदी के वेग को दूसरे गांवों की ओर मोड़ते हुए खनन कारोबारियों ने सीमांकित क्षेत्र से बाहर भी खनन कर निर्धारित मात्रा से कहीं ऊपर खनन सामग्री का उठान भी कर लिया ,लेकिन तहसील प्रशासन ने एक भी बार मौके पर जाकर सीमांकित क्षेत्र देखने की जहमत तक न उठायी और तो और प्रशासन न तो रवननो की जांच कर सका और न ही खनन पट्टे पर बने गड्ढे देख सका, प्रशासन की सुस्ती कुछ इस कदर परवान रही कि ग्रामीणों के ज्ञापन देने के 4 दिन बाद तक प्रशासन की कोई टीम जांच तक के लिए नही पहुंची और जब पहुंची तो वैध पट्टे में अवैध खनन कर रहे खनन माफियाओं ने जिस सीमांकित क्षेत्र से बाहर खनन किया था वहां नदी की जलधारा मोड़कर अवैध खनन की निशानी पर पानी बहा दिया और जांच के लिए पहुंची राजस्व टीम आधी अधूरी नपाई करके ही बैरंग लौट गई।


तस्वीरें साफ साफ बयान कर रही हैं कि किस त कदर नियम कानून को ताक पर रखते हुए अवैध खनन चलता रहा है। कहीं भारी मशीनों से खनन तो कहीं सीमांकन से बाहर खनन और ये सब होता रहा । थराली के सजग प्रशासन की नाक के नीचे ,ऐसे में ग्रामीणों ने शिकायत की है कि जिस उद्देश्य से उन्होंने कुलसारी में रीवर ट्रेनिंग के लिए हामी भरी थी वो उद्देश्य तो पूरा हुआ नही अलबत्ता निर्धारित मात्रा से ऊपर खनन कर खनन माफियाओं ने कुलसारी को ही खतरे में डाल दिया है। जून के अंतिम सप्ताह से बारिश शुरू हो जाती है , ऐसे में इस तरह के अवैध खनन से ग्रामीणों की कृषि भूमि को होने वाले संभावित नुकसान का डर भी सताने लगा है ।रीवर ट्रेनिंग के पट्टे के पास में ही खाली पड़ी भूमि पर राजस्व रिपोर्ट के मुताबिक 8760 घनमीटर rbm पड़ा हुआ है अब ये खनन सामग्री किस उद्देश्य के लिए डंप की गई है ये भी अपने आप मे एक बड़ा सवाल है।
अब देखना होगा कि रीवर ट्रेनिंग से निर्धारित मात्रा से ऊपर उठे rbm की नपाई कर गुणा भाग में जुटा प्रशासन इस खनन सामग्री के रवननो की जांच भी कर पाता है या फिर यूँ ही खनन माफियाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाए अडिग जीरो टॉलरेंस के दावों पर पलीता ही लगाता है,क्योंकि थराली तहसील के उपजिलाधिकारी भी खुद मीडिया बाइट में इस बात को कबूल चुके हैं कि खनन के पट्टो में किस तरीक़े से खनन कार्य चल रहा है कितनी मात्रा में खनन सामग्री निकाली जा रही है ,किन मशीनों से निकाली गई इसे देखने के लिए इससे पूर्व कोई भी राजस्व की टीम मौके पर नही गयी ,हालांकि उन्होंने अब ये भी कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद वे कार्यवाही की जाएगी वही ज़ब मेजरमेंट को पहुँचे सिचाई भिभाग के कनिष्ट अभियंता को पूछा गया तो उन्होंने ये राजस्व विभाग का काम हैं आखिर क्या सच नहीं बताया जा रहा वही इस मामले मे जिला प्रशा शन से लेकर तहसील प्रशासन तक मौन हैं दाल मे कुछ तो काला हैं!

LEAVE A REPLY