Home UNDER DISTRICT PLAN RS.45.23 CRORE APPROVED FOR ALMORA DISTRICT जिला योजना के अंतर्गत अल्मोड़ा के लिए 45.23 करोड़ स्वीकृत

जिला योजना के अंतर्गत अल्मोड़ा के लिए 45.23 करोड़ स्वीकृत

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जिला योजना के अंतर्गत अल्मोड़ा के लिए 45.23 करोड़ अनुमोदन

अल्मोड़ा 03 जुलाई: प्रदेश के वन मंत्री एवं अल्मोड़ा जनपद के प्रभारी मंत्री डा0 हरक सिंह रावत ने आज वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए जिला योजना के अन्तर्गत स्वीकृत 45.23 करोड़ रू0 परिव्यय का अनुमोदन किया। विकास भवन में आयोजित जिला योजना समिति की बैठक में उन्होंने उपस्थित सदस्यों के सम्मुख इस परिव्यय को स्वीकृत किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से जिन विभागों के लिए परिव्यय की स्वीकृति दी गयी उनमें कृषि विभाग के लिए 75.75 लाख रू0, उद्यान एवं भेषज के लिए 80.32 लाख रू0, पशुपालन 165.00 लाख रू0, दुग्ध विकास के लिए 100.00 लाख रू0 वानिकी के लिए 22 लाख रू0 सहकारिता के लिए 90 लाख रू0, राजकीय सिंचाई के लिए 200 लाख रू0, सामुदायिक विकास के लिए 104 लाख रू0, उरेडा के लिए 192 लाख रू0, पर्यटन के लिए 130 लाख रू0, माध्यमिक शिक्षा के लिए 391 लाख रू0, प्रान्तीय रक्षा दल के लिए 100 लाख रू0, पेयजल निगम के लिए 350 लाख रू0, जल संस्थान के लिए 1097.70 लाख रू0, 550 लाख रू0 व पूल्ड आवास के लिए 182.12 लाख रू0 के परिव्यय को स्वीकृति दी। जनपद अल्मोड़ा के लिए जिला योजना अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2018-19 हेतु शासन द्वारा 41.12 करोड़ रू0 का परिव्यय स्वीकृत था।

डा0 हरक सिंह रावत ने कहा कि वित्तीय वर्ष में पलायन को रोकने के लिए विशेष प्रयास के लिए कार्य योजना बनानी होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद अल्मोड़ा में विकास के लिए ऐसी कार्य योजना तैयार की जाय जिससे जिला योजना के अन्तर्गत स्वीकृत धनराशि का सदुपयोग हो सके। उन्होने कहा कि सिंचाई, पर्यटन व लोक निर्माण विभाग के अधिकारी वर्तमान वित्तीय वर्ष में रखी गयी योजनाओं के लिए दोबारा से मा0 विधायक, ब्लाॅक प्रमुख व जिला योजना समिति के अन्य सदस्यों के साथ बैठक कर सभी की सहमति से योजनाओं को प्रस्तावित करेंगे।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा प्राथमिकता के आधार पर जर्जर हालत वाले स्कूलों, अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर लें। उन्होंने पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिये कि इस तरह की योजनायें प्रस्तावित की जाय जिससे पर्यटन की सम्भावनाओं में वृद्वि हो सके।
चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि चिकित्सालयों में साफ-सफाई के अलावा अत्यावश्कीय उपकरणों को यथा शीघ्र क्रय कर लें। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों को निर्देश दिये कि 40 लाख से ऊपर की योजनाओं को नाबार्ड व राज्य योजना के अन्तर्गत प्रस्तावित किया जाय। जिला योजना में 30 लाख अथवा इससे कम धनराशि वाली योजनाओं को ही शामिल किया जाय। इस अवसर पर समस्त सदस्यों द्वारा जिला योजना परिव्यय को बढ़ाने का आग्रह मा0 प्रभारी मंत्री से किया जिस पर उन्होंने कहा कि एक प्रस्ताव बनाकर वित्त एवं नियोजन विभाग को प्रेषित किया जायेगा।
प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिये कि जिला योजना की धनराशि से जिले का सर्वागीण विकास हो सके इसके लिए धनराशि को समय से खर्च व निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाय। गाॅव स्तर तक धनराशि का सदुपयोग हो सके व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से उनके द्वारा आवश्यक सुझाव लेते हुए विकास कार्यों को कराया जाय। उन्होंने कहा कि कृषि एवं उद्यान पहाड़ी जनपदों की आर्थिकी का मुख्य आधार है इसलिए लोगो को समय पर बीज, कृषि उपकरण व अन्य कृषि से सम्बन्धित जानकारिया समय से प्राप्त हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाय।

जल संस्थान के अधिकारियों को क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर आवश्यकतानुसार हैण्डपम्प लगाने व पेयजल समस्या को दूर करने के निर्देश दिये। इस दौरान सिंचाई विभाग द्वारा ठेकेदार के भुगतान न किये जाने की शिकायत पर संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत से जाॅच कराने के निर्देश दिये।

बैठक में विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चैहान, विधायक व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल, विधायक सल्ट सुरेन्द्र सिंह जीना और विधायक करन मेहरा ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की समस्यायें व सुझाव प्रभारी मंत्री को दिये और अनेक समस्याओं से उनको अवगत कराया।

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