Home MADMAHESHWAR PORTALS CLOSED FOR WINTER द्वितीय केदार मद्महेश्वर की डोली पहुंची गद्दी स्थल ओंकारेश्वर

द्वितीय केदार मद्महेश्वर की डोली पहुंची गद्दी स्थल ओंकारेश्वर

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दिलबर सिंह बिष्ट

रुद्रप्रयाग : उत्तराखंड स्थित पंच केदारो में द्वितीय केदार के नाम से विख्यात भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली पौराणिक परम्पराओ व रीति रिवाजों के साथ आज अपनी शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मन्दिर में विराजमान हो गई है । डोली के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मन्दिर में विराजमान होते ही मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत , औघौगिक सलाहकार के. एस. पंवार सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने डोली के दर्शन व पूजा अर्चना कर पुण्य अर्जित किया ।

इस अवसर पर पर ऊखीमठ में भव्य मेले का आयोजन किया गया । आज से भगवान मद्महेश्वर की शीतकालीन पूजा ओंकारेश्वर मन्दिर में विधिवत रूप से शुरू हो गई हैं । रविवार को गिरीया गाँव में प्रधान पुजारी बागेश लिंग व वेदपाठी यशोधर मैठाणी ने बह्म बेलापर पंचांग पूजन के तहत भगवान मद्महेश्वर की डोली व साथ चल रहे अनेक देवी – देवताओं के निशाणो की पूजा अर्चना व अभिषेक कर आरती उतारी तथा सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान मद्महेश्वर के निर्वाण दर्शन कर पुण्य अर्जित किया ।

 

ठीक नौ बजे भगवान मद्महेश्वर की डोली गिरीया गाँव से विदा होकर ऊखीमठ के लिए रवाना हुई तथा सैकड़ों श्रद्धालुओं ने डोली का फापज व सलामी में पुष्प वर्षा कर मन्नत माँगी । सलामी से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने जय बोले के उदघोषो के साथ डोली की अगुवाई की । सैकड़ों श्रद्धालुओं की जयकारो व महिलाओ के मागल गीतों से ऊखीमठ क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना रहा ।

भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के मंगोलचारी पहुँचने पर रावल भीमा शंकर लिंग ने परम्परा अनुसार डोली पर सोने का छत्र अर्पित किया ग्रामीणों ने अर्घ लगाकर विश्व कल्याण की कामना की । भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली बाह्मणखोली , डगवाडी में श्रद्धालुओं का आशीष देते हुए अपने शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मन्दिर में पौराणिक परम्परा अनुसार विराजमान हो गई है । डोली के विराजमान होते ही रावल ने मद्महेश्वर धाम के प्रधान पुजारी बागेश लिंग का छ : माह धाम में रहने का संकल्प तुडवाया ।

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