Home Uncategorized धोनी के “बलिदान बैज” को देखकर भड़का पाकिस्तान

धोनी के “बलिदान बैज” को देखकर भड़का पाकिस्तान

196
0

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के विकेट कीपर महेंद्र सिंह धौनी के ग्लब्स पर इंडियन पैरा स्पेशल फोर्स के बलिदान बैज को देखकर पाकिस्तान के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री चौधरी फवाद हुसैन बुरी तरह से भड़क गए। इमरान के कैबिनेट मंत्री चौधरी फवाद हुसैन ने इसे लेकर ट्वीट कर डाला। अपने मैं ट्वीट में चौधरी फवाद हुसैन ने लिखा कि धौनी इंग्लैंड में विश्व कप खेलने गए हैं ना कि महाभारत करने के लिए। भारतीय मीडिया में ये एक मूर्खतापूर्ण बहस है। भारतीय मीडिया का एक वर्ग युद्ध से इतना ज्यादा प्रभावित है कि उन्हें सीरिया, अफगानिस्तान या रावंडा में भाड़े के सैनिकों के तौर पर भेजा जाना चाहिए।
Ch Fawad Hussain

Verified account

@fawadchaudhry
Follow Follow @fawadchaudhry
More Ch Fawad Hussain Retweeted Republic
Dhoni is in England to play cricket not to for MahaBharta , what an idiotic debate in Indian Media,a section of Indian media is so obsessed with War they should be sent to Syria, Afghanistan Or Rawanda as mercenaries…. #इडियट्स

महेंद्र सिंह धौनी विश्व कप के पहले मैच के दौरान दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विकेट कीपिंग कर रहे थे तब उनके ग्लव्स पर बलिदान बैज या सेना का प्रतीक चिन्ह देखा गया था। इसके बाद आइसीसी ने भी इस पर अपना विरोध जताया था। आइसीसी के नियम के मुताबिक उपकरण और कपड़ा नियामक इस बात की अनुमित नहीं देता कि किसी चीजों का अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान राजनीतिक, धार्मिक या नस्लीय संदेश देने के लिए हो।
इस मामले को लेकर बीसीसीआइ ने आइसीसी को पत्र भी लिखा।सीओए चीफ विनोद राय राय ने कहा कि धौनी के दस्ताने पर जो निशान है, वह किसी धर्म का प्रतीक नहीं है और न ही यह कमर्शियल है। बीसीसीआई के सीओए चीफ विनोद राय ने पीटीआई से कहा, “हमने बीसीसीआई की तरफ से आईसीसी को सुचना भेज दी है की धोनी के ग्लव्स में जो चिन्ह है उसका किसी व्यवसायिक और धर्म के सांकेतिक से कोई लेना देना नहीं है। जैसा की हम सब जानते है तो उन्हें इसकी अनुमति जल्दी ही मिल सकती है।”
हम पहले ही आइसीसी को पत्र लिख चुके हैं कि वो धौनी को उनके दस्ताने पर ‘बलिदान बैज’ पहनने दें।
आखिर है क्या बलिदान बैज
सेना की एक स्पेशल टीम होती है जो आतंकियों से लड़ने और आतंकियों के इलाके में घुसकर उन्हें मारने में दक्ष होती है। मुश्किल ट्रेनिंग और पैराशूट से कूदकर दुश्मन के इलाके में घुसकर मारने में महारत हासिल करने वाले इन सैनिकों को पैरा कमांडो कहा जाता है। इन्हीं पैरा कमांडो को एक खास तरह का चिन्ह दिया जाता है जिसे बलिदान बैज कहा जाता है। ये बैज उन्हें ही मिलता है जो स्पेशल पैरा फोर्सेज से जुड़े हों।

LEAVE A REPLY