पिथौरागढ़, नंदा देवी में 25 मई 2019 को लापता आठ पर्वतारोहियों में से 7 सात के शव नंदा देवी बेस कैंप से पिथौरागढ़ एयरपोर्ट पहुंचाए गए हैं। इन शवों को पहले आईटीबीपी के चीता हेलीकॉप्टर से मुनस्यारी और उसके बाद बड़े हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ लाया गया।

शवों को एमआई-17 हेलीकॉप्टर से लाया गया है। शवों को पिथौरागढ़ हवाई स्थित नैनी सैनी हवाई पट्टी पर पहुंचा दिया गया है। पंचनामा भरने के बाद शवों को हल्द्वानी जिला अस्पताल में रखा जाएगा। उसके बाद सभी पर्वतारोहियों के शवों को दिल्ली भेजा जाएगा। हालांकि अभी किसी भी पर्वतारोही की शिनाख्त नहीं हो पाई है। अभी भी नंदा देवी में मौसम खबर होने के कारण एक शव को अभी रेस्‍क्‍यू नहीं किया जा सका है।

इस अभियान के नाम डेयर डेविल्स रखा गया अभियान के तहत आईटीबीपी के पर्वतारोहियों ने 18100 फ़ीट की ऊंचाई से 15000 फ़ीट पर बनाए गए कैम्प वन तक पहुंचाया। जहा से शवों को एयरलिफ्ट कर वायुसेना के हैलीकॉप्टर से लाया जाना था।

गौरतलब हैं कि 13 मई को मुनस्यारी से नंदादेवी ईस्ट अभियान के लिए गए अमेरिका के एंथोनी सुडेकम, रोनाल्ड बीमेल, आस्ट्रेलिया की महिला पर्वतारोही रूथ मैकन्स , ब्रिटेन निवासी मार्टिन मोरिन, जोन चार्लिस मैकलर्न, रिचर्ड प्याने, रूपर्ट वेवैल, और इंडियन माउंटेनियरिंग फेडरेशन के जनसंपर्क अधिकारी चेतन पांडेय पर्वतारोहण के दौरान खतरनाक एवलांच की चपेट में आने से पहले लापता हो गए थे।

आज सुबह उच्च हिमालय में मौसम साफ़ रहने से वायु सेना का हैलीकॉप्टर नंदा देवी पहुंचा। पहले चरण में दो शवों को उठाकर मुनस्यारी हैलीपैड पहुंचाया। दूसरी बार में दो शव मुनस्यारी लाए गए। अन्य तीन शवों को तीसरी बार में लाया गया। इसके साथ ही सभी शवाें को पिथौरागढ़ के नैनी सैनी हवाई पट्टी पर लाया गया।

सोमवार को मौसम साफ़ होने के कारण रेस्क्यू दल ने 17450 फीट की ऊंचाई पर स्थित कैंप दो से शवों को लाने का अभियान चलाया। नंदा देवी में दूसरी तरफ दुर्घटना साइट में जाकर चार शवों को साढ़े ग्यारह घंटे तक रेस्क्यू चला कर 18900 फीट की ऊंचाई पर स्थित चोटी तक पहुंचाया। मौसम खराब होने से तीन शवों को मंगलवार को इस ऊंचाई तक पहुंचाया गया था।

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