Home Tourist Spot Chandranagar Mohankhal नैसर्गिक सौंदर्य का प्रतीक हैं चंद्रनगर मोहनखाल , यहाँ की खूबसूरत वादियां...

नैसर्गिक सौंदर्य का प्रतीक हैं चंद्रनगर मोहनखाल , यहाँ की खूबसूरत वादियां पर्यटकों को अपनी ओर सहज ही आकर्षित करती है।

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दिलवर सिंह बिष्ट

रुद्रप्रयाग।देवभूमि उत्तराखंड पर कुदरत ने न जाने कितने खूब सूरत दर्शनीय स्थलों को संजोया है, लेकिन इसे प्रदेश की राजनीति सूझबूझ की कमी कहें या सोच की , आज हम बात कर रहे हैं उस नैसर्गिक सौंदर्य वाले क्षेत्र की जहाँ बरबस ही लोग खींचे चले आते हैं । जी हम बात कर रहे हैं प्राकृतिक की एक खूबसूरती के लिए मशहूर रुद्रप्रयाग ,चमोली जनपद के सीमांत क्षेत्र चन्द्रनगर मोहनखाल की जो बद्रीनाथ और केदारनाथ के मध्य भाग में स्थित है।

 

चन्द्रनगर मोहनखाल बांसबाड़ा मोटरमार्ग पर स्थित है ! यह वही मोटर मार्ग है! जिसकी पहचान 2013 की केदारनाथ आपदा के समय पर लाइफ लाइन के रूप में हुई थी ।यह क्षेत्र पर्यटन की अपार संभावनाओं के संजोये हुए हैं। यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी जनपद रुद्रप्रयाग का अहम क्षेत्र है।

यहाँ से भगवान कार्तिकेय का मंदिर दस किमी पर स्थित है ! इसके साथ -साथ यहाँ से तीन किमी की दूरी पर स्थित माँ राज राजेश्वरी देवी का प्रसिद्ध सिद्ध पीठ मंदिर है ! इसके अलावा भगवान सौर भूतनाथ का मंदिर सात किमी फासले पर है। जो कि अपनेआप में विलक्षण प्राकृतिक ख़ूबसूरती को समाए हुए है। शासन , पर्यटन विभाग की घोर उपेक्षा के बाबजूद भी यह स्थान अपनी प्राकृतिक खूबसूरती की बजह से हर किसी को प्रभावित करता है।
क्षेत्र में माल्टा, मौसमी ,राजमा,मंडवा व आलू की खेती प्रचुर मात्रा में होती है, अधिक ऊंचाई वाला क्षेत्र होने से दिसंबर -,जनवरी माह में भारी बर्फवारी होने से यंहा का नजारा स्विट्जरलैंड से कम नही होता है। क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, यातायात की सुविधा के साथ – उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक भी उपलब्ध हैं ।

चन्द्रनगर मोहनखाल से केदारनाथ बन प्रभाग समीप होने के कारण तुंगनाथ चोपता के लिए पैदल मार्ग से भी जाया जा सकता है। वसन्त ऋतु में हिमालयी पुष्प बुराँश के खिलने से इस क्षेत्र को और भी मनमोहक बना देता है। पर्यटन के लिहाज से यह क्षेत्र आज भी उपेक्षा का शिकार हैं।

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