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पठाली का पाडव नृत्य

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शम्भू प्रसाद

रुद्रप्रयाग/ ऊखीमठ: उत्तराखंड आज भी अपनी संस्कृति और सभ्यता के लिए पूरे विश्व में विख्यात है। आज भी यहाँ पौराणिक पांडव नृत्य, देवी देवताओं के मंडाण, रंसु, पवाडे और झुमैला जैसे नृत्य ग्रामीणों द्वारा आयोजित किये जाते है। इसी का जीता जगता उदाहरण पेश किया ऊखीमठ ब्लॉक के ग्राम सभा पठाली ब्लॉक के ग्राम सभा पठाली ने जहाँ आज 21 वर्षो के बाद पाडव नृत्य का आयोजन किया गया।

पाडव नृत्य कमेठी के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा कहते है कि ग्राम सभा पठाली मे 21 वर्षो बाद पाडव नृत्य का आयोजन किया गया, जिसमें समस्त ग्राम वासियों का भरपूर सहयोग रहा। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा पठाली मे 19 दिसम्बर से समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से पाडव नृत्य का आयोजन किया । जो 21 दिन तक चलेगा साथ ही वो बताते है कि 5 नम्बर को मोरोदार कौथिक, 6 नम्बर को गैणा कौथिक व 7 नम्बर को गंगा स्नान आकाश कामनी मन्दाकिनी नदी के समीप किया जायेगा और 9 नम्बर को हाथी कोथिक के साथ पाडव नृत्य का समापन्न किया जायेगा।

पठाली की ग्राम प्रधान गुड्डी देवी ने कहा कि ग्राम सभा पठाली मे 21 वर्षो बाद किया गया पाडव नृत्य जिसमे समस्त ग्राम वासियों व नवयुवक महिला मंगल दल का सहयोग रहा है । उन्होंने कहा कि ये हमारी देवभूमि उत्तराखंड की पौराणिक धार्मिक रीति रिवाज रहा है जो यहाँ पांच भाई पाडवो की लीलाओ का आज भी आयोजन किया जाता है। पाडव नृत्य में ढोल वादक पर मदन लाल, प्रेम लाल, प्रथम लाल, रमेश लाल, विदास दास विक्रम लाल द्वारा कार्य किया जा रहा है।

इस मौके पर कमेठी के उपाध्यक्ष विजय त्रिवेद्वी, कोषाध्यक्ष मनवर सिंह नेगी, सचिव जगम्बदा प्रसाद, संरक्षक कृष्णा नन्द तिवारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य विजय लक्ष्मी तिवारी, दिनानाथ तिवारी, अनुसूया प्रसाद, सत्य प्रकाश, पूर्णानन्द, मातवर सिंह, हीरा सिंह राणा, राजेन्द्र प्रसाद, कलम सिंह राणा, जितपाल भंडारी, शिशुपाल समेत समस्त ग्रामवासी पाडव नृत्य में मौजूद थे।

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