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प्रवासियों के जरिए कोरोना चढ़ा पहाड़

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महज 18 दिन में 85 अप्रवासी कोरोना संक्रमित


राकेश डंडरियाल


देहरादून। प्रदेश के लिए पहले जमाती सिर दर्द बने थे ,लेकिन अब घराती ये काम कर रहे है। सुनने में शायद अटपटा लगे लेकिन गुरुवार को उत्तराखंड में 16 कोरोना संक्रमित मामले सामने आए है उनमें ज्यादातर प्रवासी है। जिसके बाद अब राज्य में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 146 हो गई है। वहीं इनमें से 54 मरीज ठीक हो चुके हैं। अपर सचिव युगल किशोर पंत ने आज आए 16 नए मामलों की पुष्टि की है। इनमें से तीन उत्तरकाशी,दो हरिद्वार, एक अल्मोड़ा, चार बागेश्वर, दो ऊधमिसंहनगर, तीन नैनीताल और एक देहरादून में सामने आया है।
आने वाले दिन उत्तराखंड की जनता और सरकार के लिए मुश्किल भरे हो सकते हैं। इसका जायजा इस बात से लगाया जा सकता है कि तीन मई तक किसी भी अप्रवासी उत्तराखंड के निवासी को उत्तराखंड आने की इजाजत नहीं थी। उस दौरान उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के केवल 61 केस थे। जिसमें 51दिन लगे थे,उत्तराखंड में पहला मामला 15 मार्च को देहरादून से एक आईएफएस ट्रेनी अफसर का था।
चार मई से प्रवासियों का उत्तराखंड आना शुरू हुआ, तब से लेकर अब तक जो भी कोरोंना संक्रमण का आंकड़ा सामने आया वह कहीं ना कहीं अप्रवासी से जुड़ा है। चार मई से लेकर अब तक 85 संक्रमण के मामले आए चुके है और ये सभी लगभग दिल्ली, मुंबई, व गुड़गांव से जुड़े हैं।
चार मई से दूसरे राज्यों में फंसे लोग उत्तराखंड आने लगे तो उसके साथ संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ा है। हालात यह है कि अब तक 85 प्रवासियों को कोरोना हो चुका है। प्रवासियों में सबसे ज्यादा कोरोंना के केस उधमसिंह नगर के है जहां 21लोग संक्रमित हैं। इसके अलावा नैनीताल से 18, देहरादून में 17,उत्तरकाशी में 7,बागेश्वर में 6, टिहरी में 6, पौड़ी,हरिद्वार और अल्मोड़ा में तीन तीन,चमोली में 1 संक्रमण के मामले सामने आए है। यानि महज 18 दिनों में 85 लोगो पर संक्रमण की पुष्टि हुई है।
सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है अप्रवासियों की भीड़ को कैसे सुरक्षित उनके गांव तक पहुंचाया जाए, दूसरा यह कि कैसे गांव को सुरक्षित रखा जाय, ऊपर से नैनीताल हाई कोर्ट का डंडा चल गया है। हालांकि कोर्ट ने भी जनता की सुरक्षा को पुख्ता करने का आदेश दिया है,लेकिन इसे लागू करने के लिए सरकार को पूरा तामझाम जिले के बॉर्डर पर लगाना होगा, जो लगभग असम्भव है।

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