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बद्रीनाथ में 235 प्रवासी परिवार परेशान

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राजसत्ता न्यूज ब्यूरो

चमोली । चमोली जिला प्रशासन लॉकडाउन को केन्द्रीय गृह मंत्रालय की गाइडलाइन को के अनुसार नहीं बल्कि अपनी मर्जी से लागू कर रहा है। प्रशासन की मनमर्जी से बदरीनाथ धाम के आसपास माणा व बामणी गांव में ग्रीष्मकालीन प्रवास के लिये पहुंचे 235 परिवार परेशान हैं। जिला प्रशासन बदरीनाथ में एक भी दुकान खोलने की अनुमति नहीं दे रहा है जिससे इन लोगों के सामने राजमर्रा के जरूरी वस्तुओं का संकट खड़ा हो गया है।

जनपद चमोली देश का सीमांत जिला है। बदरीनाथ से आगे लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित माणा गांव वार्डर विलेज है। इससे आगे तिब्बत (चीन) सीमा क्षेत्र है। ग्रीष्मकाल में नैगवाड़, सिरोखुमा गांवों के लोग (लगभग 180 परिवार) छह माह के अस्थायी प्रवासी के लिये माणा चले जाते हैं। माणा में उनकी खेती है बल्कि वे अपने पशुओं को भी छह माह के लिये वहां ले जाते हैं। इसी तरह बदरीनाथ में अलकनन्दा नदी के किनारे नारायण पर्वत के नीचे बामणी गांव हैं। जोशीमठ और बदरीनाथ के बीच स्थित पाण्डुकेश्वर गांव के लोग भी ग्राष्मकालीन प्रवास के लिये अपने पशुधन के साथ बामणी गांव जाते हैं। कुल मिलाकर 235 परिवार इस बार भी माणा और बामणी गांव प्रवास के लिये पहुंच चुके हैं। खास बात यह है कि इन दोनों गांव के लोग बदरीनाथ धाम में स्थित बाजार से ही अपनी जरूरतों का सामान खरीदते हैं लेकिन इस बार जिला प्रशासन ने अभी तक बदरीनाथ धाम में किसी भी दुकान खोलने की अनुमति नहीं दी है। ये परिवार छोटी-छोटी जरूरतों के सामान के लिये भी तरस रहे हैं, जिससे उनका जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

‘बदरीनाथ धाम धार्मिक ही नहीं सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। द्वितीय रक्षा पंक्ति के लोग (ग्रामीण) यहां ग्रीष्मकालीन प्रवास के लिये आते हैं। राज्य सरकार को इन लोगों की जरूरतों का ध्यान में रखते हुये तत्काल बदरीनाथ में भी गृह मंत्रालय की नियमावली के अनुसार दुकानों को खोलने की अनुमति देनी चाहिए’।

_ राजेश मेहता, पूर्व अध्यक्ष, नगर पंचायत बदरीनाथ।

‘यह मामला वास्तव में गंभीर है। मैं अभी जिलाधिकारी चमोली को बदरीनाथ धाम में नियमानुसार दुकानों को खोलने की अनुमति देने के निर्देश दे रहा हूं’।

_ मदन कौशिक, कैबिनेट मंत्री।

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