Home TIMELINE OF MAHARASHTRA POLITICAL CONTROVERSY महाराष्ट्र : 32 दिनों की उठापटक

महाराष्ट्र : 32 दिनों की उठापटक

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महाराष्ट्र में 27 सितंबर को चुनाव अधिसूचना जारी हुई और 21 अक्टूबर को मतदान हुआ

24 अक्टूबर: चुनाव परिणाम में बीजेपी-शिवसेना के एनडीए को सरकार बनाने का स्पष्ट जनादेश मिला , लेकिन शिवसेना ने सरकार गठन में यह कहकर पेंच फंसा दिया कि मुख्यमंत्री उसके दल का होना चाहिए। भाजपा को 105 सीटें मिली, शिवसेना, राकांपा एवं कांग्रेस को क्रमश: 56, 54 एवं 44 सीटें मिली।

3 नवंबर: शिवसेना नेता संजय राउत ने 3 नवंबर को उन्‍होंने दावा किया कि शिवसेना के पास कुल 175 विधायकों का समर्थन है और वह अपने दम पर अकेले सरकार बना सकती है।

8 नवंबर: सीएम देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने से एक दिन पहले 8 नवंबर को अपना इस्तीफा राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सौंप दिया।

11 नवंबर : शिवसेना ने यह कहते हुए सरकार बनाने का दावा किया कि उनके पास बहुमत का समर्थन है. शिवसेना ने समर्थन पत्र देने के लिए तीन दिन का समय देने का आग्रह किया.

11 नवंबर : राज्यपाल ने तीन दिन का समय देने से इंकार कर दिया और शिवसेना के सरकार गठन के दावे को खारिज कर दिया. राज्यपाल ने राकांपा को सरकार बनाने के लिए अपनी इच्छा और क्षमता व्यक्त करने के लिए आमंत्रित किया.

12 नवंबर: गवर्नर ने तीसरे सबसे बड़े दल एनसीपी को राज्य में सरकार बनाने का मौका दिया। एनसीपी को सरकार का दावा करने की समयसीमा 12 नवंबर तक रात 8:30 बजे समाप्त हो गई.

12 नवंबर : पर्याप्त समर्थन के साथ शिवसेना के सरकार बनाने के दावे को खारिज करने के राज्यपाल के निर्णय को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई.

12 नवंबर : महाराष्ट्र में गतिरोध के बीच राष्ट्रपति शासन लागू ।

13 नवंबर : शिवसेना ने उच्चतम न्यायालय में राज्यपाल के फैसले को चुनौती देने वाली अपनी याचिका का उल्लेख नहीं किया.

20 नवंबर:  एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। कहा गया कि पवार ने पीएम से महाराष्ट्र के किसानों के संकट पर बात की। हालांकि, तब अटकलें लगने लगी थीं कि महाराषट्र को लेकर कुछ नया समीकरण बन सकता है।

21 नवंबर : कांग्रेस वर्किंग कमिटी में शिवसेना के साथ सरकार बनाने का फैसला किया ।

22 नवंबर : शरद पवार ने घोषणा की कि एनसीपी और कांग्रेस ने महाराष्ट्र के नए मुख्यंत्री के रूप में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के नाम पर समहित दे दी है। अब अगले दिन शनिवार को बाकी मुद्दों पर बातचीत होगी और फिर जल्द ही सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा।

23 नवंबर : शनिवार को सुबह 5 बजकर 47 मिनट पर राज्य से राष्ट्रपति शासन हटाया गया. फडणवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर जबकि अजित पवार ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली.

महाराष्ट्र में रातोंरात राजनीति ने करवट ले ली और सुबह-सुबह बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उन्हें सीएम जबकि एनसीपी नेता अजित पवार को डेप्युटी सीएम पद की शपथ दिलाई।

23 नवंबर : गठबंधन ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के निर्णय के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया और तत्काल सुनवाई करने की मांग की. उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री ने मामले की सुनवाई के लिए रविवार का दिन मुकर्रर किया।

24 नवंबर : उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार और अन्य को नोटिस जारी करते हुए रविवार को सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता को राज्य में राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश करने वाली चिठ्ठी सोमवार की सुबह तक अदालत में पेश करने का निर्देश दिया।

25 नवंबर सोमबार को मामले में सुनवाई हुई, सभी पक्षों ने अपना अपना पक्ष रखा , जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आज मामले में सुनवाई की।

26 नवंबर : महाराष्ट्र पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, कल शाम पांच बजे तक कराएं बहुमत परीक्षण।

महाराष्ट्र विधानसभा के सभी निर्वाचित सदस्य 27 नवंबर को शपथ लेंगे। महाराष्ट्र विधानसभा में विश्वास मत के दौरान गुप्त मतदान नहीं होगा। पूरी प्रक्रिया पांच बजे तक पूरी हो जानी चाहिए।विधानसभा की पूरी कार्यवाही का सीधा प्रसारण होगा।

देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद व अजीत पंवार ने उप मुख्यमंत्री पद से स्तीफा दिया।

 

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