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रुद्रप्रयाग के अधिकारियों ने कुपोषित बच्चों को गोद लेकर, करवाया उनका स्वास्थ्य जाँच

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दिलवर सिंह बिष्ट

रुद्रप्रयाग : जनपद रुद्रप्रयाग में चिन्हित 70 कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों की समुचित देखभाल करने की जिम्मेवारी उठाई हैं रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी, मुख्य विकस अधिकारी, अपरजिलाधिकारी समेत जिला स्तरीय अधिकारियों ने। इन अधिकारीयों ने आज इन बच्चों को गोद लिया।

जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने समस्त अधिकारियों को 19 व 20 दिसम्बर को समयानुसार गोद लिये हुए बच्चों को जिला चिकित्सालय में बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नीतू तोमर से स्वास्थ्य परीक्षण हेतु निर्देशित किया हैं ।

गुरुवार को जिलास्तरीय अधिकारियों द्वारा गोद लिए हुय बच्चों को उनके अभिभावकों के साथ घर से अपने विभागीय वाहन से जिला अस्पताल लाकर स्वास्थ्य परीक्षण करवाने के बाद पुनः उनको ,घर वापस छोड़ा गया। साथ ही बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नीतू तोमर के चिकित्सीय परामर्श के अनुसार दवाई व अन्य पौषक तत्व भी दिय गए। दूरभाष व समय समय पर अधिकारी स्वयं घर जाकर बच्चों के स्वास्थ्य का अनुश्रवण करते रहते है।


जिलाधिकारी ने बताया कि धन के अभाव में गरीब लोग पर्याप्त, पौष्टिक चीजें जैसे दूध, फल, घी इत्यादि नहीं खरीद पाते। कुछ तो केवल अनाज से मुश्किल से पेट भर पाते हैं। लेकिन गरीबी के साथ ही एक बड़ा कारण अज्ञानता तथा निरक्षरता भी है। अधिकांश लोगों, विशेषकर गाँव, देहात में रहने वाले व्यक्तिय़ों को सन्तुलित भोजन के बारे में जानकारी नहीं होती, इस कारण वे स्वयं अपने बच्चों के भोजन में आवश्यक वस्तुओं का समावेश नहीं करते, इस कारण वे स्वयं तो इस रोग से ग्रस्त होते ही हैं साथ ही अपने परिवार को भी कुपोषण का शिकार बना देते हैं।

कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के बारे में जानकारी देते हुए डॉक्टर नीतू तोमर ने बताया कि कुपोषण का मुख्य कारण हाइजीन( स्वच्छता), संतुलित आहार की कमी है। इसके साथ ही कुछ बच्चों में प्रोटीन, खून की कमी है व कुछ ऐसे है जो कि हार्ट पेशेंट व मानसिक रूप से विकलांग है। सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है व निश्चित समयान्तराल पर पुनः किया जाता रहेगा जिससे बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार आएगा।

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