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रुद्रप्रयाग: नागतला का अलौकिक दृश्य,ट्रैकिंग पर गए छात्रों ने साँझा किया अपना अनुभव

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दिलवर सिंह बिष्ट

रुद्रप्रयाग।उत्तराखंड पर्यटन बिभाग द्वारा आयोजित अनछुए पर्यटक स्थलों को पहचान दिलाने के लिए आयोजित ट्रैकिंग का अभियान रविवार को शुरू किया गया।
जिला प्रशासन व पर्यटन विभाग, रुद्रप्रयाग के सौजन्य से जामू से नागताल की लगभग दो किलोमीटर तक की ट्रैकिंग का आयोजन किया गया। टैकिंग दल में राजकीय इण्टर काॅलेज, अगस्त्यमुनि के 19 छात्र तथा 11 छात्राओं ने भाग लिया।

नगर पंचायत अध्यक्षा अरूणा बैंजवाल द्वारा अगस्त्यमुनि से ट्रैकिंग दल को प्रातः8 बजे नागताल के लिए रवाना किया गया, टैकिंग दल पूर्वाह्न 11 बजे जामू पहुंचा। जामू पंहुचने पर सुशील नौटियाल, जिला साहसिक खेल अधिकारी द्वारा टैकिंग दल को टैकिंग रूल्स के बारे में जानकारी दी गई, जिसके बाद टैकिंग दल जामू से नागताल के टैक के लिए रवाना हुआ।

टैकिंग दल द्वारा ट्रैकिंग के दौरान जामू से नागताल तक बिखरे हुए अजैविक कूड़े को भी एकत्रित किया गया जिसके बाद उसे दतूलिया रिसोर्ट में जमा कराया गया। दतूलिया रिसोर्ट के प्रबन्धक अमित कुमार ने बताया कि छात्रों द्वारा लाये गए अजैैविक कूडे को सेग्रिगेट कर सोनप्रयाग काॅम्पैक्टर में भिजवाया जाएगा। टैकिंग दल के द्वारा वापसी में जामू में स्थित नागतोली देवी मन्दिर व जामेश्वर महोदव के भी दर्शन किये गये। इस दौरान छात्र-छात्राओं को ट्रैकिंग के साथ ही प्रकृति के संरक्षण-संवर्द्धन की जानकारी दी गई।

पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल ने बताया कि जनपद में कई ऐसे पर्यटक स्थल हैं, जो देश-दुनिया के सैलानियों की नजर से दूर हैं। इन स्थानों को पहचान दिलाने के लिए ट्रैकिंग का आयोजन किया जा रहा है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जामू से नागताल तक दो किमी ट्रैकिंग के दौरान स्थानीय छात्र-छात्राओं को ट्रैकिंग के दौरान जैव विविधता की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि इस दौरान छात्रों में प्रकृति और उसके सौंदर्य को लेकर समझ बढ़ाई गई। उन्हें बच्चों को बताया कि किस तरह छोटे-छोटे तालाबों से निचले हिस्से में पानी की आपूर्ति होती है, इसलिए इसका संरक्षण बहुत जरूरी है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग नागताल को पर्यटन के विश्व मानचित्र पर पहचान दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए भविष्य में भी ट्रैकिंग का आयोजन किया जाएगा। जामू गांव से नागताल तक करीब दो किमी की ट्रैकिंग के दौरान छात्रों को प्रकृति, झरने, जलस्रोत, तालों के महत्व और इसके संरक्षण के बारे में बताया गया।

ट्रैकिंग दल मैं शामिल छात्रों ने बताया कि नागताल नैसर्गिक सौन्दर्य से परिपूर्ण है, व बेहद ही रमणीक हैं। मान्यता है कि नागताल ट्रैक के मध्य में मोरझाडी नामक स्थल पडता है, जहां सभी देवताओं का निवास माना जाता है। यहां ज्यादातर बांज के वृक्ष है, तथा पानी प्रचुर मात्रा में है। छात्रों ने जामू गांव के विषय में बताया कि यह समुद्र तल से 6725 फीट पर स्थित है। इसके साथ ही छात्रों को जामू गांव, यहां रह रहे लोगों की साक्षरता दर, जनसंख्या, नागताल और जमदग्नेश्वर मंदिर के महत्व के बारे में बताया गया और उनसे लिखित में फीडबैक लिया गया। टैकिंग दल में राजकीय इण्टर काॅलेज, अगस्त्यमुनि के अध्यापक, विद्यार्थी, रिलायंस के प्रकाश सिंह, मोहित डिमरी सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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