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लॉकडाउन ने कैसे बनाया रूस निवासी लियो को हनुमान भक्त

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राकेश डंडरियाल
देवप्रयाग। देश भर में शुरू हुए लॉकडाउन के अनेक साइट इफेक्ट देखने को मिल रहे हैं खासकर उत्तराखण्ड में,यहां तीर्थनगरी देवप्रयाग मे रूस का एक नागरिक लियो , मार्च से फसा हुआ है , मजेदार बात यह है कि विदेशी अब भगवान हनुमान का भक्त बन गया है। लियो पिछले 19 मार्च से अब तक उत्तराखंड सरकार से कई बार गुजारिश कर चुका है कि इसे उसके देश भेज दिया जाय। लेकिन सरकार तो सरकार है।


लियो के अनुसार वह नोएडा होते हुए आध्यात्म की पहचान के लिए 19 मार्च को देवप्रयाग पहुंचा था। इससे पहले कि वह लौट पाता लॉकडाउन घोषित हो गया।ऐसे में वह यहाँ बदरी केदार पैदल यात्रा पथ स्थित प्राचीन स्थल धनेश्वर पहुंचा। जहाँ उसे कुटिया मे रहने वाले साधू गणेश महाराज ने रहने के लिए स्थान दे दिया। वहीं कुटिया से सटे प्राचीन हनुमान मंदिर मे रूस निवासी लियो ने लॉक डाउन तक सेवा करने की इच्छा जतायी, तो गणेश महाराज ने हामी भर दी। भारतीय धर्म ,संस्कृति से गहरा लगाव रखने वाले लियो ने इसे अपना बड़ा सौभाग्य माना। लियो प्रतिदिन हनुमान मंदिर की साफ सफाई के बाद मूर्ति मे सिंदूर लगाकर , पूजन करते हैं। लियो के अनुसार इसमें उन्हे बहुत आनन्द व संतोष मिलता है। गणेश महाराज ने लियो के भोजन व रहने की पूरी व्यवस्था की है। वह भी लियो के भक्ति भाव से काफी खुश हैं।


लियो ने बताया कि वह अपनी परिचित महिला मित्र के साथ पिछले साल 10 दिसम्बर को भारत की यात्रा पर आय था। दो महीने गोवा मे रहने के बाद वृंदावन होते हुए वह नोएडा मे अपने मित्र के यहाँ रहे। उनकी महिला मित्र वहीं रुक गई और वह हिमालय की यात्रा पर निकल पड़े। देवप्रयाग मे गंगा दर्शन के लिए अभी पहुंचे ही थे कि लॉकडाउन शुरू हो गया। लियो के अनुसार देवप्रयाग जैसे धार्मिक स्थान पर लॉकडाउन मे रहते उन्हे जो शांति मिली है , वह उसे बता नहीं सकते। लियो भारत, रूस सहित पूरी दुनिया को कोरोना महामारी से मुक्ति के लिए हनुमान जी से रोज प्रार्थना करते हैं। लियो ने भारत सरकार से उन्हें अपने मित्र के पास नोएडा पहुँचाने की गुहार भी लगाई है। ताकि वहां से वह रूस के दूतावास से संपर्क करके अपने देश का सके।

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