Home LEOPARD ATTACK ON SECURITY GRAD IN DWARAHAT सुरक्षा गार्ड पर तेंदुए का हमला,मफलर ने बचाई खीमानंद की जान

सुरक्षा गार्ड पर तेंदुए का हमला,मफलर ने बचाई खीमानंद की जान

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द्वाराहाट,: उत्तराखंड में आज कल आदमी कम और तेंदुए अधिक दिखाई दे रहे हैं , वे दिख ही नहीं रहे, बल्कि मौका मिलने पर लोगों को अपना निवाला बनाने से भी नहीं चूक रहे हैं । रात में तो पहाड़ो में जंगली जानबरों का भय रहता ही था, लेकिन अब सुबह की भी गारंटी नहीं है। ऐसा ही एक मामला आज सुबह – सुबह बिपिन चंद्र त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान (बीटीकेआइटी) पर तैनात सुरक्षाकर्मी के साथ हुआ , जिसे तेंदुए ने घायल कर दिया। सुरक्षा कर्मी ने भी हौसला नहीं छोड़ा और पूरी ताकत के साथ तेंदुए पर हमला कर अपनी जान बचाई। हमले में सुरक्षाकर्मी का बायां हाथ जख्मी हुआ है। इस इलाके में कई बार शावकों के साथ तेंदुए को लोग देख चुके हैं जिसकी शिकायत पूर्व में कई बार ग्रामीणों बन बिभाग से की, लेकिन मगर विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया । जिस कारण लोगों में रोष व्याप्त है।

छतीना निवासी खीमानंद उपाध्याय पुत्र स्व. माधवानंद बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान (बीटीकेआइटी) में बतौर सुरक्षा कर्मी तैनात है। मंगलवार की सुबह खीमानंद उपाध्याय ड्यूटी पर जा रहे थे कि , तभी गौचर स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक के पास रास्ते में बैठे तेंदुए ने उसपर हमला बोल दिया। हमले से खेत में गिर चुके खीमानंद पर तेंदुए ने फिर छलांग लगाई। बहादुर सुरक्षाकर्मी ने अपने पैरों से उस पर प्रहार कर शोर मचाया। जिस कारण पास में रहने वाले बालम सिंह तथा कैलाश बिष्ट मौके पर पहुंचे। उन्हें देख तेंदुए अपने शावक के साथ भाग गया। इसके बाद घायल खीमानंद को सीएचसी ले जाया गया। आवश्यक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया।

गुलदार के हमले से घायल खीमानंद ने बताया कि आक्रामक तेंदुए ने नीचे गिराकर सीधे उसके गले पर वार किया। मफलर बंधा होने के कारण वह बच गया। अलबत्ता बांये हाथ में घाव कर दिया। शोर मचाने पर गौचर के लोगों के पहुंचने से उसकी जान बच गई।

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