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हिलटॉप की कहानी -नरेंद्र सिंह नेगी की जुबानी : आखिर क्योँ तोड़ -मरोड़ कर पेश किया जा रहा है उनके बयांन को ?

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राकेश डंडरियाल
सुनिए क्या कहा नरेंद्र सिंह नेगी ने हिलटॉप के बारे में

 

 

देहरादून : उत्तराखंड की राजनीति में आजकल हिलटॉप ने ऐसा नशा भर दिया हैं कि चाहे वह नेता हो , संत हो या अब गीतकार हो , सभी कुछ न कुछ कहकर अपने को लाइमलाइट में बनाये रखना चाहते हैं । दारू है ही ऐसी चीज जो बड़े से बड़ो को लाइन में ले आती हैं।चाहे वे तीनो मुख्यमंत्री ही क्यो न हो ।आखिर मामला आर्थिक अर्थवयवस्था से जुड़ा हुआ जो हैं  । खैर नेता जो बोले सो बोले पहाड़ के सुर सम्राट को इस पचड़े में पड़ने की क्या जरुरत आन पड़ी तो सुनिए प्रसिद्ध गीतकार नरेंद्र सिंह नेगी ने हिल टॉप के समर्थन में क्या कहा , और बयांन भी उस समय आया है जब उन्हें संगीत नाटक अकादमी सम्मान के लिए चुना गया हैं ।
उनके हिल टॉप शराब फैक्ट्री पर आये बयांन से पहले मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नरेंद्र सिंह नेगी के घर जाकर उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2018 मिलने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेगी जी, हमारा गौरव हैं। उन्हें मिला यह सम्मान पूरे उत्तराखण्ड का सम्मान है। श्री नेगी दशकों से अपने संगीत के माध्यम से उत्तराखण्ड को पहचान दिलाई है। उनके गीतों में समाज के संदेश रहे हैं।
फिर आया उनका बयांन
हिल टॉप को समझना पड़ेगा कि सही है या गलत , और यहाँ पर लोग शराब नहीं पीते होते , तो मेरे ख्याल से यहाँ कुछ नहीं होने चाहिए , मेरे ख्याल से सबसे ज्यादा खपत तो शराब की हमारे उत्तराखंड में हैं , तो अगर यहाँ इतनी खपत हैं , तो यहाँ फैक्ट्री भी होनी चाहिए , यहाँ के किसानो को भी जो उत्पादन करते हैं माल्टा वगैरह उसका भी फ़ायदा मिलना चाहिए , रोजगार भी मिलना चाहिए , अब ये डिसिशन तो सरकारों को लेना हैं , जिसे सरकार लेगी , उससे कितना लाभ होगा , ये तो समीक्षा करके लोग बातएंगे , लेकिन में व्यक्तिगत रूप से ये सोचता हूँ कि जब शराब की उत्तराखंड में इतनी खपत हैं तो हम बाहर से , धामपुर से दूसरो का माल क्यों पी रहे हैं , तो या तो शराब बंद हो जाए, तो फिर फैक्ट्री का भी सवाल ही नहीं उठता, वे भी बंद हो जाएंगी , सरकार ने तो मध्य निषेध बिभाग ही ख़त्म कर दिया हैं , जब उन्होंने देखा कि उनका कुछ असर नहीं हो रहा हैं , तो अब इस बात पर तो वे लोग नीति निर्धारक ही तय करेंगे क्या उचित हैं क्या नहीं

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