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उत्तरकाशी लिंगानुपात की खबरों के बाद महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी पहुंची देहरादून

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देहरादून: उत्तरकाशी में भारी लिंगानुपात की खबरों के बाद महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री भारत सरकार श्रीमती स्मृति ईरानी आज देहरादून पहुंची और विभागीय मंत्री तथा अफसरों के साथ बैठक कर इस मामले की जानकारी ली।

पिछले दिनों एक चौंकाने वाली खबर आई थी कि उत्तरकाशी जिले के 133 गांव में 216 बच्चों के जन्म की बात कही गई थी जिसमें सभी पैदा हुए बच्चे लड़के थे। इस खबर के बाद उत्तराखंड प्रशासन हरकत में आया तथा मामले की जांच की गई। जांच में सामने आया है कि जो आंकड़े सामने आए थे उनमें कुछ त्रुटियां रही और इन गांवों में बच्चियां भी पैदा हुई हैं।

इस बीच आज लाव लस्कर के साथ महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री भारत सरकार श्रीमती स्मृति ईरानी भी देहरादून पहुंच गई ।मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री भारत सरकार श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी ने अधिकारियों के साथ महिला सशक्तिकरण, बाल विकास तथा तथा पोषण अभियान के संबंध में बैठक ली। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्या भी उपस्थित थी।

केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि पोषण योजना, आगंनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल व्यवस्था व टॉयलेट की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाय। अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चों को उचित पौष्टाहार प्राप्त हो, जिससे वे सामान्य श्रेणी में आ सके। पौष्टिक आहार के लिए कलेण्डर बनाया जाय व इसे जनप्रतिनिधियों के साथ शेयर किया जाये। एनीमिया को रोकने के लिए टी-3 रणनीति पर ध्यान दिये जाने पर जोर दिया गया। दो बच्चों के पैदा होने के उचित समयान्तर हो इस दिशा में जागरूकता अभियान चलाया जाना जरूरी है, ताकि बच्चों का मानसिक व शारीरिक विकास सही हो।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जिन जनपदों में बाल लिंगानुपात कम है अधिकारी ऐसे जनपदों का भ्रमण कर और बैठक कर लिंगानुपात कम होने के कारणों का पता लगायें। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत राज्य व जिला स्तरीय समितियों की बैठक समय-समय पर आयोजित की जाय।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में चार वन स्टॉप स्टॉप सेंटर बन चुके हैं, शेष 09 सेंटर भी 15 अगस्त से पूर्व शुरू किये जायेंगे। स्पान्सर स्कीम के तहत लाभार्थियों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके, इसके लिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में वार्षिक आय की सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया गया। स्वधार गृह योजना के तहत मानसिक विक्षिप्त महिलाओं को आच्छादित करने का भी अनुरोध किया गया।इस अवसर पर अपर सचिव भारत सरकार श्री एस.के.सिंह, सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास श्रीमती सौजन्या, निदेशक सुश्री झरना कमठान व संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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