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31 मार्च को केवल उत्तराखंड में ही एक जगह से दूसरी जगह जा सकेंगे लोग।

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उत्तराखंड से बाहर रह रहे लोगों को अभी करना होगा इंतजार। जहाँ हैं वही रहें ।

राजसत्ता न्यूज़ ब्यूरो

देहरादून : उत्तराखंड के भीतर जो लोग एक जिले से दूसरे जिले में जाना चाहते हैं, वे लोग 31 मार्च को सुबह 7 बजे से सांय 8 बजे तक जा सकेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने यह जानकारी देते हुए बताया कि केवल मंगलवार 31 मार्च के लिए ही यह अनुमति होगी। एक दिन का यह विंडो इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि जगह-जगह से ऐसी बातें आ रही थी कि बहुत से लोग अपने काम से आए हुए थे और लॉकडाऊन के कारण अपने घर से बाहर फंसे हैं। बसों व टैक्सियों को सेनेटाइज करवाया जाना होगा। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया जाना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को खोलने की व्यवस्था का अच्छा रेस्पोंस मिला है। इससे लोगों में घबराहट खत्म हुई है, भीङ भी नही हो रही। लोग भी अब समझने लगे हैं। इसलिए इसी व्यवस्था को जारी रखा जाएगा।

दिल्ली में जो उत्तराखंडवासी फंस गए हैं उनके लिए उत्तराखंड सदन ओपन कर दिया गया है। वहां उनके भोजन, मेडिकल आदि व्यवस्था है। इसी प्रकार मुम्बई में भी उत्तराखंड भवन को लॉकडाऊन में फंसे उत्तराखंड के लोगों के लिए ओपन किया गया है। हालांकि कितने लोग इन भवनों में रुके हैं किसी के पास कोई आंकड़ा नहीं है। दोनों जगह के रेजिडेंट कमिश्नर जनता के फ़ोन तक उठाने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। राजसत्ता न्यूज़ के एडिटर ने लगातार मुंबई और दिल्ली के रेजिडेंट कमिश्नर को फ़ोन लगाया , एक बार नहीं लगभग 20 बार , एक दिन नहीं तीन दिन, लेकिन नतीजा जीरो।

मुंबई के खार इलाके में कुमाऊं के 30 लोग फसे हैं , दुकानों , रेस्टोरेंटों में काम करते थे, इन्हें देखने वाला कोई नहीं हैं , जबकि गवर्नर उत्तराखंड के ही हैं , उनसे भी संपर्क करने की कोशिस की, लेकिन सभी सरकारी फ़ोन बंद . ट्विटर पर संपर्क किया , कोई जवाब नहीं।
उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में जनता की सहायता के लिए एक हेल्पलाइन जारी की हैं , लेकिन वह भी पता नहीं कहाँ और किसके लिए है , उस पर रिंग तक नहीं जाती ।तो क्या फायदा हैं इन्हे जारी करने का ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम दो तीन दिन में 500 चिकित्सकों की भर्ती करने जा रहे हैं। इससे हमारे यहाँ चिकित्सक पर्याप्त संख्या में हो जाएंगे। इन चिकित्सकों की गुणवत्ता क्या होगी , यह तो आने वाला समय ही बताएगा। जब सामान्य स्थिति में राज्य को अच्छे डॉक्टर नहीं मिल पाए तो अब कैसे अच्छे और अनुभवी डॉक्टर मिलेंगे इसकी गारंटी नहीं है ।मुख्यमंत्री ने बताया कि पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र और वाहन चालकों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण के लिए एक माह की छूट दी गई है।

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