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भारत-चीन सीमा विवाद: लद्दाख की गालवन वैली में भारत का एक कर्नल और 2 जवान शहीद

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राजसत्ता न्यूज़ ब्यूरो

1975 के बाद पहली बार LAC पर शहीद हुए जवान
1967 के बाद चीन ने 1975 में हमला किया था, चार की गई थी जान

लद्दाख. भारत-चीन के बीच जारी सीमा विवाद अब बड़े तनाव में तब्दील होता जा रहा है। सोमवार रात लद्दाख की गालवन वैली में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हो गई। जिसमें भारत के एक कर्नल और दो जवान शहीद हो गए। जो कर्नल शहीद हुए, वे इन्फैंट्री बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर थे। बताया जा रहा हैं कि इस बार कोई गोली नहीं चली। सैनिकों के बीच पथराव हुआ। डंडों से एकदूसरे पर हमला किया गया। भारतीय जवानों की जवाबी कार्रवाई में चीन के 5 सैनिक मारे गए हैं और 11 जवान घायल हुए हैं।

चीन के अखबार द ग्लोबल टाइम्स ने ही इसे कन्फर्म किया है। हालांकि, हमारी सेना ने सिर्फ यही कहा है कि दोनों तरफ जवानों की जान गई है।
इस बीच लदाख में चीन से सटी सीमा पर सेना की तैनाती बढ़ा दी गई है। लहौल होकर मनाली-लेह सामरिक मार्ग पर भारतीय सेना की कॉन्वाय मूवमेंट लेह की तरफ बढ़ गई है। पिछले दो दिनों से भारतीय सेना के वाहन पलचान और दालंग ट्रांजिट कैंप से लेह की तरफ रवाना हो रहे हैं। इस बीच दिल्ली में रक्षा मंत्री उच्च स्तरीय बैठक कर रहे हैं जिसके बाद सेना करेगी प्रेस कॉन्फ्रेंस।चीन का भारत पर बॉर्डर क्रॉस करने का आरोप

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत एकतरफा कार्रवाई न करे, नहीं तो मुश्किलें बढ़ेंगी। वहीं, चीन के अखबार द ग्लोबल टाइम्स ने चीन के विदेश मंत्रालय के हवाले से बताया कि बॉर्डर पर दोनों देशों के बीच रजामंदी बनी थी, लेकिन भारतीय जवानों ने इसे तोड़ दिया और बॉर्डर क्रॉस किया। इसके बाद चीन के सैनिकों पर हमला किया। इसी वजह से हिंसक झड़प हुई।

भारत और चीन के बीच पिछले 41 दिन से सीमा पर तनाव है। शुरुआत 5 मई से हुई थी। इसके बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच जून में ही चार बार बातचीत हो चुकी है। बातचीत में दोनों देशों की सेनाओं के बीच रजामंदी बनी थी कि बॉर्डर पर तनाव कम किया जाए या डी-एक्स्केलेशन किया जाए। डी-एक्स्केलेशन के तहत दोनों देशों की सेनाएं विवाद वाले इलाकों से पीछे हट रही थीं।

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