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देवीधुरा का बग्वाल मेला : आजादी के बाद पहली बार सांकेतिक रूप में मनाया जायेगा

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राजसत्ता न्यूज़ ब्यूरो

चंपावत जिले स्थित मां बाराही धाम देवीधुरा में इस बार बग्वाल का आयोजन नहीं होगा। बाराही धाम देवीधुरा में इस बार लोग बग्वाल मेले के रोमांच के साक्षी नहीं बन सकेंगे। न तो मेला लगेगा और न ही सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। रक्षाबंधन के दिन खोलीखांड दुबचौड़ मैदान में परंपरा को जीवित रखने के लिए सांकेतिक बग्वाल शारीरिक दूरी का पालन करते हुए खेली जाएगी। यह निर्णय जिला प्रशासन, मंदिर समिति और चार खाम, सात तोकों के प्रतिनिधियों की बैठक में लिया गया। बग्वाल हर साल रक्षाबंधन के दिन खेली जाती है और इस बार बग्वाल का आयोजन 3 अगस्त को होना था।

बग्वाल के दिन चार खाम (चम्याल, गहरवाल, लमगडिय़ा और वालिग) के योद्धा पांच से सात की संख्या में फर्रो के साथ प्रतीकात्मक बग्वाल ल में शिरकत करेंगे। पूजा-अर्चना व मंदिर की परिक्रमा करने के बाद ये बगवाली वीर अपने घरों को चले जाएंगे। कोरोना संक्रमण के खतरे को ध्यान में रखते हुए इस बार बग्वाल मेले को सांकेतिक रूप मनाया जाएगा । इस दौरान बड़े धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे। रक्षाबंधन के दिन बग्वाल से संबंधित पूजा में शारीरिक दूरी का पालन करते हुए चुनिंदा लोग ही शामिल हो सकेंगे। ग्रामीणों को घरों में मा का प्रसाद भेजा जाएगा।

मंदिर समिति के अध्यक्ष खीम सिंह लमगडिय़ा ने बताया कि एकादशी पूजा में चार खाम के प्रधान पात्र ही भाग ले सकेंगे। तीन अगस्त को रक्षा बंधन के दिन प्रत्येक खाम के अधिकतम दस-दस सदस्य ही साकेतिक बग्वाल और पूजा में शामिल हो सकेंगे। चार अगस्त को मा का डोला मुचकुंद ऋषि आश्रम जाएगा। इस डोले में भी चार से अधिक लोग प्रतिभाग नहीं कर सकेंगे। आजादी के बाद यह पहला अवसर होगा जब देवीधुरा की बग्वाल पर ब्रेक लगेगा।

चंपावत जिले में लगने वाले सभी धार्मिक मेले कोरोना के चलते अब तक नही हो पाए हैं। 11 मार्च से 15 जून तक लगने वाला मां पूर्णागिरि धाम का मेला भी नहीं हो पाया , 31 मार्च से दो अप्रैल तक चलने वाला गुमदेश का चैतोला मेला भी कोरोना की भेंट चढ़ गया। इन मंदिरों में केवल परंपरा पूजा को करने के लिए पुजारी व पंडित ही मौजूद रहे। चमदेवल स्थित चौखाम बाबा मंदिर में पूजा-अर्चना कराई गई। रीठा साहिब का जोड़ मेला स्थगित हुआ। यह मेला तीन से पांच जून तक होना था। पांच जुलाई को होने वाले देवीधार महोत्सव में सांस्कृतिक और खेलकूद गतिविधियों को स्थगित कर दिया गया है।

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