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चीन की लगातार घुसपैठ के बाबजूद भी नहीं चेती सरकार ?

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राकेश चंद्र

धोखेबाजी, चीनी ड्रैगन का अस्त्र हैं, जिसपर दिल्ली में बैठी सरकार बिस्वास करती रही, और ड्रैगन ने अपना काम कर दिया। अब समीक्षक/पंडित कहते हैं चीन में राजनैतिक उठक पटक है , नेपाल में उठक पटक हैं , ये क्योँ समझ नहीं आया कि दोनों जगह कम्युनिस्ट हैं , और दोनों ने ही भारत को धोखा दिया हैं। देश ने तीन सपूतों को खोया हैं , अब पीटते रहो लकीर को , चीन आया चीन आया , सच तो ये हैं कि हम बातचीत के अलावा कुछ कर ही नहीं सकते हैं। कहाँ हैं तीन तीन मोर्चो पर लड़ने वाले दावों का सच । सच तो ये हैं कि हम अदने से नेपाल से भी पिट गए , चीन तो महा शक्ति हैं। अब आप चाहे चीन को कोई सा भी जवाब दे , देश के नेतृत्व के लिए हालात एक ओर कुआँ, दूसरी ओर खाई वाली है , देखना ये होगा कि सरकार इसका जवाब किस सूझबूझ के साथ देती हैं , ताकि देश व सरकार दोनों का मान ऊँचा रह सके।

भारत और चीन के साथ लगी लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (LAC) करीब 3,488 किलोमीटर की है, चीन इसे नहीं मानता है, चीन कहता हैं कि यह 2000 किलोमीटर ही हैं। 2015 के बाद से चीन अचानक भारत की सीमा पर लगातार दबाव बनाये हुए हैं , डोकलाम विवाद इसकी महज एक शुरुवात थी , लेकिन चीन ने इसके बाद भी अपनी हिंदी चीनी भाई भाई की मक्कारी वाली पालिसी नहीं छोड़ी। वह इस बीच भी लगातार भारतीय सीमा का उल्लंघन करता रहा।

पिछले साल नवंबर 2019 में केंद्र सरकार ने संसद में बताया था कि चीन की सीमा पर 2016 से 2018 के बीच चीन की सेना द्वारा 1025 बार भारतीय सीमा का उल्लंघन किया। रक्षा राज्यमंत्री श्रीपद नाइक ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में यह जानकारी दी थी।

नाइक ने कहा कि 2016 में चीन की सेना ने भारतीय सीमा का 273 बार उल्लंघन किया, जो 2017 में बढ़कर 423 हो गया। 2018 में ऐसे मामलों की संख्या 326 थी. इस साल जनबरी से अप्रैल तक चीन 170 बार सीमा का उल्लंघन कर चूका हैं , जिसमें से 70 से 80 फ़ीसदी मामले लद्दाख इलाके से जुड़े हैं।

लद्दाख में भारत-चीन के बीच विवाद पिछले 41 दिन से चल रहा । इस विवाद की 5 मई से हुई थी। इसके बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच जून में ही चार बार बातचीत हो चुकी। सभी बैठकों में तनाव कम करने पर दोनों पक्षों में सहमति बनी थी। चौथी मीटिंग सोमवार को ही हुई थी, लेकिन बीती रात ही गालवन वैली में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हो गई।
जून में सैन्य कमांडरों में बातचीत के दो दिन बाद ही चीन के हेलिकॉप्टर,एलएसी के पास नजर आए, यह घटना दोनों देशों के सैन्य कमांडरों की 6 जून को हुई मुलाकात के मजह दो दिन बाद हुई है। भारत और चीन के सैनिकों के बीच मई में तीन बार झड़प हो चुकी है।

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