Home Uncategorized नहीं रहे उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकगायक और गीतकार जीत सिंह नेगी

नहीं रहे उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकगायक और गीतकार जीत सिंह नेगी

74
0

“घास काटी की प्यारी छैला”
https://www.youtube.com/watch?v=LNvfGNSufIE
जीत सिंह नेगी (1927 -2020)

राजसत्ता न्यूज़ ब्यूरो

देहरादून—पहाड़ी संस्कृति पुरोधा एक के बाद जा रहे हैं आज एक और संगीत का उपासक और प्रख्यात रचनाकार और लोक गायक जीत सिंह नेगी हमारे बीच से चले गए हैं। 94 साल के जीत सिंह नेगी ने अपने धर्मपुर स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से लोक कलाकारों के साथ ही प्रदेशवासियों में शोक है। जीत सिंह नेगी पहाड़ी संस्कृति के उपासक रहने के साथ ही प्रख्यात रचनाकार और लोकगायक भी थे। उनका जन्म पौड़ी गढ़वाल जिले के पैडुलस्यूं पट्टी स्थित अयाल गांव में दो फरवरी 1927 को हुई था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा देहरादून मैं ही हुई , वर्तमान में वो देहरादून के धर्मपुर में रहते थे। जीत सिंह नेगी ने गढ़वाली में गीत लिखकर उन्हें अपनी आवाज भी दी। वो हमेशा से ही लोकसंस्कृति से जुड़े रहे और इसे संजोए रखने के लिए वो हमेशा ही आगे रहे। उनके गीत गंगा, जौंल मगरी, छम घुंघुरू बाजला (गीत संग्रह), मलेथा की कूल (गीत नाटिका), भारी भूल (सामाजिक नाटक) समेत कई रचनाएं आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई हैं। लोकगायक जीत सिंह नेगी को ‘गोपाल बाबू गोस्वामी लीजेंडरी सिंगर’ से भी सम्मानित किया।

LEAVE A REPLY