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प्रवासियों के साथ साथ ग्रामीणों को परम्परागत कृषि विकास योजना से लाभान्वित करने को लेकर जिला पंचायत सदस्य ने दिया मुख्य कृषि अधिकारी को प्रस्ताव

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सतेन्द्र सिंह बिष्ट

रुद्रप्रयाग। परम्परागत कृषि विकास योजना ,पशुपालन, मत्स्य,भेड़ व बकरी पालन से प्रवासी और ग्रामीणों का जीवकोपार्जन के साथ आर्थिकी,कृषकों की आय दोगुनी हो सके, इसको लेकर जिला पंचायत सदस्य खांकरा नरेन्द्र सिंह बिष्ट ने वर्षो से बंजर पड़ी भूमि को उपजाऊ करने के लिए परम्परागत कृषि को कर रहे बचन्श्यू पट्टी के ग्राम बांद न्यू /शिवपुरी के ग्रामीणों को कृषि सम्बन्धित अन्य सभी सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने को लेकर मुख्य कृषि अधिकारी को प्रस्ताव दिया।

जिला पंचायत सदस्य खांकरा नरेन्द्र सिंह बिष्ट ने युवाओं और ग्रामीणों की मांग के अनुसार मुख्य कृषि अधिकारी/कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी को दिए प्रस्ताव में कहा है कि बंजर भूमि को आबाद करने वाले युवाओं के खेतों में चारों ओर चारदीवारी का निर्माण,बागवानी बनाने हेतु सिंचाई टैंक/सिंचाई गुल का निर्माण, कृषि एवं अकृषि भूमि पर नेपियर घास रोपण/चारा प्रजाति के पौधों का रोपण कार्य,वर्मी कम्पोस्ट सेन्टरों का निर्माण,कृषि भूमि के खेतों के मेंड़ों पर फलदार वृक्षों को लगाया व निर्माण कार्य किया जाए।
ग्रामीणों को कृषि विभाग द्वारा खेती के लिए आधुनिक कृषि यंत्र जैसे फार्मेसी बैंक एवं अन्य कृषि यंत्र दिए जाएं, जिससे कृषि करने में आसानी हो सके, साथ ही प्रवासी व ग्रामीणों के रोजगार हेतु पशुपालन, मुर्गीपालन, भेड़, मत्स्य व बकरी पालन सहित आदि कार्य करवाये जायं।

जिला पंचायत सदस्य खांकरा नरेन्द्र सिंह बिष्ट ने कृषि विभाग को दिए प्रस्ताव में कहा है कि उक्त गांव जंगल से सटे होने के कारण जंगली जानवरों से अत्यधिक नुकसान होता है जिससे कृषकों को अपनी पैदावार का उत्पादन नहीं मिल पाता है।वहीं मुख्य कृषि अधिकारी/कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी सुघर सिंह वर्मा और पौडीखाल न्याय पंचायत प्रभारी राजेन्द्र सिंह रौथाण ने बताया कि जो भी विभागीय स्तर पर याजनायें होंगी उन्हें इन बंजर भूमि को ऊपजाऊ /परम्परागत कृषि करने वाले युवाओं को लाभान्वित करने की भरसक कोशिश की जाएगी सरकार भी यही चाहती है कि लोगों का पलायन रुक सके और रोजगार मिलने से अपनी जीवकोपार्जन के साथ-साथ आर्थिकी से मजबूत हो सके और परम्परागत विकास योजना से कृषकों की आय दोगुनी हो सके।

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