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मछली पालन करके रोजगार को नई दिशा देने वाले कुंवर सिंह राणा पर टूटा प्रकृति का कहर, लाखों रुपए की मछली मरी।

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जिला पंचायत सदस्य कालीमठ विनोद सिंह राणा ने सरकार से की कुंवर सिंह राणा को आर्थिक सहायता देने की मांग।

मत्स्य पालकों के लिए आज तक सरकार द्वारा कोई बीमा पॉलिसी नही बनाई गई।

दिलवर सिंह बिष्ट/सतेंद्र सिंह बिष्ट
रुद्रप्रयाग।भाइयों मैंने तो गाड़ी, घोड़ा,भेड़, बकरी व पत्नी के गहने सब बेचकर स्वरोजगार के लिए अपना ब्यवसाय शुरू दिया है और इससे मुनाफा ही मुनाफा कमा रहा हूँ।लेकिन कुछ दिनों बाद जब एक गरीब की स्वरोजगार को बढ़ावा और लोगों के लिये नजीर बनते जा रहे मदमहेश्वर घाटी के न्याय पंचायत मनसुना के गडगू निवासी कुंवर सिंह राणा पर प्रकृति का ऐसा कहर टूटा की उनके स्वरोजगार से आगे बढ़ने की हसरत की राह में रोड़ा अटक गया।और अब दो जून रोजी रोटी के लिये लाले पड़ गए हैं।

वर्ष 2018 में 44 वर्षिय गडगू निवासी कुंवर सिंह राणा ने गांव से 2 किमी दूर नदी किनारे अपनी कई नाली बंजर भूमि को समतल कर वहां मत्स्य पालन हेतु 10 टैंकों का निर्माण कर (ट्राउट फिश)मछली का अपना ब्यवसाय शुरू किया जिसके लिए उन्हें मत्स्य पालन विभाग से अनुदान के तौर पर 8लाख के लगभग मिला।इतना ही नही उन्होंने अपनी गाड़ी,घोड़ा,भेड़ व बकरी को बेच उससे आए रुपये भी मत्स्य पालन स्वरोजगार के क्षेत्र में लगा दिए। कुंवर सिंह राणा का कहना है कि अब तक वे 35 लाख खर्च कर चुके हैं।कुछ वर्ष पूर्व उन्हें मत्स्य पालन से लाभ अर्जित होना शुरू हो गया था।अब तक वे 2 कुंतल मछली बेच चुके हैं लेकिन वक्त और प्रकृति ने उनके स्वरोजगार पर पानी फेर 8 कुंतल मछली 11 अगस्त की रात्रि को आई भारी बारिश से उफनते गदेरे ने मत्स्य टैंकों के ऊपर से लोगों की भूमि का कटाव किया जिससे उनके द्वारा बनाए गए टेंकों में मलबा आ जाने से टैंक तो क्षतिग्रस्त हुआ ही साथ ही 50 हजार ट्राउट फिश के बीज भी इससे मर गई।

उनका कहना है कि इन तालाबों में मछलियों के बीज उत्पादन के लिये 3 कुंतल बच्चा देंने वाली ब्रूडर मछलियां थी जो मलबे में दब कर मर गई।उन्होंने कहा कि प्रशासन की तरफ से क्षेत्रीय पटवारी ने उक्त स्थल का मौका मुआयना किया ।और भरोसा दिलाया कि सरकार की तरफ से जो भी आर्थिक मदद होगी उसे दिलाने का भरसक प्रयास करेंगे।

वंही कालीमठ वार्ड क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य विनोद सिंह राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार को स्वरोजगार के क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीणों और प्रवासियों के लिए प्रेरणा के स्रोत्र बनते जा रहे कुंवर सिंह राणा को सरकार द्वारा ऐसे ऊर्जावान युवाओं को प्रोत्साहित कर उचित मुवावजा दिया जाना चाहिए जिससे उनका मनोबल स्वरोजगार योजनाओं के प्रति बना रहे ताकि आने वाले समय मे घाटी के युवा प्रवासी भी इसी तरह स्वरोजगार के क्षेत्र में एक उम्मीद के साथ काम कर सके।मत्स्य पालन विभाग अधिकारी संजय बुटोला ने कहा कि गडगु निवासी व माहेश्वरी मत्स्य जीवी सहकारी समिति अध्यक्ष कुंवर सिंह राणा को ट्राउड फार्मिंग के तहत विभागीय स्तर से अनुदान के तौर पर 8 लाख के लगभग रुपये दिये लेकिन प्रकृति की मार ने ऐसा कर दिया कि युवाओं के लिए मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोल मॉडल बनने जा रहे राणा के मत्स्य पालन के कार्य को उफनते गदेरे ने उन्हें हासिये पर लाकर खडा कर दिया।

उन्होंने कहा कि विभाग के माध्यम से उक्त मत्स्य पालक को कुछ आपदा मद से आर्थिक सहायता सरकार से मिल सके इसके लिए वे मत्स्य निदेशक, जिलाधिकारी को पत्र भेज रहे हैं।उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि आज तक मत्स्य पालन के क्षेत्र में स्वरोजगार करने वालों की यदि आपदा या अन्य किसी वजह से नुकसान।हो तो इंसोरेंस की कोई ऐसी ब्यवस्था अभी नही है।जिससे कि उन्हें इंसोरेंस क्लेम मिल सके।

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