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Lok Sabha Election 2019: 52 प्रत्याशियों का भविष्य तय करेंगे 79 लाख वोटर

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उत्तराखंड में चुनाव प्रचार मंगलवार शाम पांच बजे थम गया। दूरस्थ मतदान केंद्रों के लिए 1766 पोलिंग पार्टियां रवाना भी हो गईं और शेष आज रवाना की जाएंगी। 11 अप्रैल को राज्य के कुल 78.56 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। पांच सीटों पर इस बार 52 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड सौजन्या मंगलवार को मीडिया से रूबरू हुईं। उन्होंने बताया कि मतदान पूरा होने तक कोई भी दल अथवा प्रत्याशी प्रिंट, डिजिटल या सोशल मीडिया से प्रचार नहीं कर पाएगा।

उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान आचार संहिता उल्लंघन की 139 शिकायतें मिलीं। जबकि गंभीर प्रकार की शिकायतों पर 37 केस भी दर्ज किए गए। ‘सी-विजिल’ एप से 2199 शिकायतें मिलीं। 90% शिकायतों को 100 मिनट में दूर किया गया। सभी बूथों पर न्यूनतम बुनियादी सुविधाएं, रैम्प, बिजली-पानी के साथ शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई है।

राज्य में मीलों पैदल चलेंगी पोलिंग पार्टियां
राज्य के 11,229 बूथ ऐसे हैं, जो सड़क के एक किमी के दायरे में हैं। शेष जगह पोलिंग पार्टियों को मीलों पैदल चलना होगा। 11 बूथ तो ऐसे हैं, जहां पोलिंग पार्टियों को 15 किमी से अधिक पैदल चलना है। 10 किमी से ज्यादा दूरी वाले बूथों की संख्या 22 और पांच किमी से अधिक पैदल दूरी वाले बूथों की संख्या 281 है। 3 से पांच किमी पैदल दूरी वाले बूथों की संख्या 481 है।

शांतिपूर्ण चुनाव के लिए 237 जोन बनाए गए
देहरादून। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनावों के लिए उत्तराखंड को 237 जोन और 1371 सेक्टरों में बांटा गया है। 46 हजार सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं। हिमाचल और यूपी बॉर्डर पर चेकिंग शुरू हो गई है। आईजी कानून व्यवस्था दीपम सेठ ने बताया कि 697 बूथ संवेदनशील और 656 अति संवेदनशील श्रेणी में रखे हैं। देहरादून में सबसे ज्यादा 192 अति संवेदनशील बूथ हैं। यहां सीसीटीवी या वीडियो कैमरे से रिकॉर्डिंग की व्यवस्था रहेगी। अंतरराज्यीय सीमाओं पर चेकिंग के लिए 85 बैरियर लगाए हैं। तलाशी के बाद ही वाहनों की आवाजाही के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा के लिए 16 हजार राज्य पुलिस, 17,600 होमगार्ड, 6500 केंद्रीय सुरक्षा बल, 4100 पीआरडी और 1500 फॉरेस्ट गार्ड तैनात हैं। इसके साथ क्यूआरटी के 152 और एनडीआरएफ के 150 अधिकारी और कर्मचारी भी तैनात रहेंगे।

67 हजार तीन सौ 80 कार्मिकों की ड्यूटी 
आयोग ने मतदान को 67,380 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई है। कई तो बीते सोमवार को ही मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो गए थे, जो शनिवार तक ही लौट पाएंगे। इसके अलावा करीब 46 हजार सुरक्षा बलों की भी तैनाती की गई है। यही नहीं, मतदान के दौरान आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस भी उपलब्ध रहेगी। देहरादून में राज्य सरकार का हेलीकॉप्टर और सरसावा में भारतीय वायुसेना का एमआई-17 विमान हाईअलर्ट पर रहेगा। सभी निर्वाचन टीमों को फर्स्ट एड बॉक्स किट भी दी गई है।

राज्य में मतदान के लिए सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता है। 46 हजार सुरक्षा कर्मी चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे। राज्य में यातायात सुचारु रहेगा। हर बूथ की पल-पल की जानकारी ली जाएगी। कोई भी घटना होने पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
दीपम सेठ, आईजी (कानून व्यवस्था)

अब मतदान की बारी

  • कुल मतदान केंद्र: 11 हजार 229
  • सुरक्षा बलों की तैनाती: कुल 46 हजार
  • 1501 सर्वाधिक मतदाता हैं जवाहर ज्योति स्कूल दमुआढुंगा हल्द्वानी (नैनीताल) में
  • 14 सबसे कम मतदाता हैं यमकेश्वर के लालढांग बूथ पर उत्तराखंड में

चुनावी मुकाबला

  • इन दिग्गजों का भविष्य होगा ईवीएम में बंद : डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक (हरिद्वार सीट), हरीश रावत (नैनीताल-यूएसनगर सीट)
  • चुनाव से बाहर: भुवन चंद्र खंडूड़ी (निवर्तमान सांसद, गढ़वाल), भगत सिंह कोश्यारी (निवर्तमान सांसद, नैनीताल-यूएसनगर)
  • नई एंट्री: मनीष खंडूड़ी (गढ़वाल सीट, कांग्रेस)
  • मुद्दे : सैन्य परिवार बहुलता वाले राज्य में एयर स्ट्राइक जैसे मुद्दे रहे प्रचार में हावी, कांग्रेस की ‘न्याय’ भी चर्चाओं में
  • पिछले नतीजे: सभी 5 सीटों पर भाजपा का कब्जा
  • समीकरण: सभी पांच सीटों पर भाजपा-कांग्रेस में मुख्य मुकाबला, हरिद्वार में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की दमदार मौजूदगी
  • असर : इस बार चुनाव प्रचार बेहद सीमित रहा, इससे मतदान पर असर पड़ने की आशंका

नया क्या

  • इस बार हरेक विधानसभा क्षेत्र में एक महिला बूथ, जहां पूरी तरह महिला स्टाफ तैनात रहेगा।
  • उत्तराखंड में सभी ईवीएम के साथ वीपीपीएट का भी शत-प्रतिशत इस्तेमाल होगा।
  • चुनाव आयोग ने इस बार ईवीएम और वीवीपीएट को लेकर मतदाताओं को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाया।
वोटर गाइड
  • वोटर आईडी नहीं है तो 11 अन्य दस्तावेज दिखाकर कर सकते हैं इस बार मतदान
  • महिला मतदाता को पहले मताधिकार का हक, हर एक पुरुष के बाद दो महिलाएं डाल सकेंगी वोट
  • दिव्यांग मतदान केंद्र के अंदर वाहन ले जा सकते हैं। लाइन में लगे बिना मतदान का अधिकार भी।
  • कोई परेशानी होने पर पीठासीन अधिकारी से किया जा सकता है संपर्क।

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