Home Uncategorized दिव्य कोरोनिल टैबलेट पर कोरोना से पहले सरकारी झटका

दिव्य कोरोनिल टैबलेट पर कोरोना से पहले सरकारी झटका

117
0

राकेश चंद्र डंडरियाल

23 जून को बाबा रामदेव ने हरिद्वार में प्रेस कांफ्रेंस की। जिसमें बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने पतंजलि आयुर्वेद की औषधि ‘दिव्य कोरोनिल टैबलेट’ के बारे में बताया कि इसका उन्होंने कोरोना संक्रमित मरीजों पर क्लीनिकल ट्रायल किया है । दावा किया गया कि कोरोनिल टैबलेट’ का असर कोरोना पर शत प्रतिशत हैं , जिन जिन कोरोना पीड़ितों पर इस दवाई का शोध पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट हरिद्वार और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस जयपुर में किया गया वे सभी ठीक हो गए । पतंजलि ने दावा किया कि क्लिनिकल ट्रायल में कोरोनिल से 3 दिन में मरीज में 69% की रिकवरी देखी गई।

क्या कहता हैं आयुष मंत्रालय
आयुष मंत्रालय ने 21 अप्रैल को जारी नोटिफिकेशन में कोविड-19 पर किए जाने वाले शोध की जरूरतों और तरीकों के बारे में बिस्तार पूर्वक बताया गया हैं । नोटिफिकेशन कंपनियों को सरकारी मंजूरी के बिना इलाज के दावे करने से रोकता है।

आगे क्या हुआ
जून 23 ,अभी पांच घंटे ही गुजरे थे कि भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने पतंजलि से कोरोना वायरस की दवा वाले दावे के विज्ञापन को तुरंत बंद करने को कहा। सरकार ने कहा है कि दवा की जांच पूरी होने तक इसका प्रचार प्रसार तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए। दवा का वैज्ञानिक परीक्षण किया जाएगा।

राज्य सरकार ने क्या कहा
जून 25 : उत्तराखंड आयुष विभाग ने बुधवार को पतंजलि को नोटिस जारी कर दिया है। विभाग ने एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है कि किस आधार पर कोरोना दवा बनाने का दावा किया गया।जबकि विभाग की ओर से इम्युनिटी बूस्टर का लाइसेंस दिया गया था। वहीं, बिना अनुमति के कोरोनिल दवा का प्रचार प्रसार करने पर भी जवाब मांगा गया है।

पतंजलि आयुर्वेद के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण ने बुधवार को एक ट्वीट में कहा, यह सरकार (केंद्र सरकार) आयुर्वेद को प्रोत्साहन व गौरव देने वाली है। जो कम्युनिकेशन गैप था, वह दूर हो गया है।  क्लीनिकल ट्रायल के जितने भी स्टैंडर्ड पैरामीटर्स हैं, उन सभी को 100 फीसदी पूरा किया गया है। इसकी सारी जानकारी हमने आयुष मंत्रालय को दे दी है।

राजस्थान सरकार ने लगाई रोक
24 जून : राजस्थान के चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा ने कहा कि बिना इजाजत के दवा का क्लिनिकल ट्रायल करना गलत है। यह अपराध है। बाबा रामदेव और उनके साथियों ने अपराध किया है। सरकार ने राजस्थान में दवाई पर प्रतिबन्ध लगाया।

बिहार
24 जून : उधर बिहार के मुजफ्फरपुर की एक अदालत में बुधवार को बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ देश को दवा के नाम पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए एक परिवादपत्र दायर किया गया है।

आज महाराष्ट्र ने भी लगाई रोक
25 जून : महाराष्ट्र सरकार के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि कोरोनिल के क्लीनिकल ट्रायल के बारे में अभी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। ऐसे में महाराष्ट्र में इस दवा की बिक्री पर पाबंदी रहेगी।अनिल देशमुख ने ट्विटर करके लिखा,हैं कि ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, जयपुर यह पता लगाएगा कि क्या पतंजलि के ‘कोरोनिल’ का क्लीनिकल ट्रायल किया गया था? हम बाबा रामदेव को चेतावनी देते हैं कि हमारी सरकार महाराष्ट्र में नकली दवाओं की बिक्री की अनुमति नहीं देगी।’

LEAVE A REPLY