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पिरूल प्रोजेक्ट : पहाड़ में पिरूल एकत्रीकरण बनेगा रोजगार का माध्यम

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राजसत्ता न्यूज़ ब्यूरो

देहरादून /अल्मोड़ा 12 जून: मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज वीडियों कांफ्रेंसिग द्वारा जिलाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और सोलर व पिरूल परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होनें कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत वास्तव में जरूरतमंदों और बेरोजगार को प्राथमिकता दी जाए। सभी विभागों में चल रही स्वरोजगार योजनाओं को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के साथ जोङा जाए। सोलर व पिरूल प्रोजेक्ट की आवश्यक प्रक्रियाएं समय से पूरी हों।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जिलाधिकारी हर जिले में कुछ माॅडल प्रोजेक्ट स्थापित करें। बैंकों से समन्वय स्थापित किया जाए और ऋण प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं का निस्तारण तुरंत किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोलर व पिरूल प्रोजेक्ट को प्राथमिकता से लिया जाए। किसी भी उपजिलाधिकारी के पास इनसे संबंधित फाईल एक सप्ताह से ज्यादा लम्बित नहीं रहनी चाहिए जिलाधिकारी लगातार इसकी समीक्षा करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में पिरूल प्रोजेक्ट में पिरूल एकत्रीकरण पर स्वयं सहायता समूहों को एक रूपया प्रति किलो वन विभाग और 1.5 रूपया (एक रूपया पचास पैसे) प्रति किलो विकासकर्ता (डेवलेपर) द्वारा दिया जाता है। अब राज्य सरकार भी अतिरिक्त 1 रूपया प्रति किलो अर्थात 100 रूपए प्रति कुंतल की राशि देगी।

सचिव राधिका झा ने प्रदेश में सोलर व पिरूल प्रोजेक्टों की विस्तार से जानकारी दी। वीडियो कान्फ्रसिंग में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री के द्वारा जो भी निर्देश दिये गये हैं उनका अनुपालन ससमय सुनिश्चित किया जाएगा। वीसी में मुख्य विकास अधिकारी मनुज गोयल, महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र डा0 दीपक मुरारी, सहायक निबंधक सहकारिता राजेश चैहान, मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह, परियोजना अधिकारी उरेड़ा जी,सी मैहरोत्रा, मुख्य उद्यान अधिकारी टी एन पाण्डे आदि उपस्थित रहे।

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