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तीन सौ साल पुराने बोगनविलिया और देवदार के पेड़ पर सुंदर कविता।

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राजसत्ता न्यूज़ ब्यूरो

अल्मोड़ा। तीन सौ साल पुराने बोगनविलिया और देवदार के पेड़ का धराशाई हो जाना, कई लोगों के लिए तो ये महज एक घटना थी, लेकिन पर्यावरण प्रेमियों के लिए ये एक महज पेड़ नहीं बल्कि उनकी जिंदगी का अहम भाग था। आखिकार तीन सौ साल के इतिहास को समेटे हुए था ये पेड़। पर्यटकों के लिए फिल्मांकन का स्थल, बच्चों के लिए कौतूहल , बुजर्गों के लिए अनेक यादों को समेटे हुए , युवाओं के लिए सेल्फी प्वाइंट, प्रेमियों के लिए एक बेमिसाल जगह थी। राजसत्ता न्यूज़ के दो प्रशंसकों ने तीन सौ साल के इस पेड़ की परिकल्पना कुछ इस प्रकार की है जो अब खुद इतिहास बन गया है। शिवांश व अनुभूति ने अपनी कविता के जरिए घटना को कुछ इस तरह बयां किया है

हजा़रों पंछियों का आशियाना टूट गया
और आप कह रहें हैं पेड़ टूट गया
हजा़रों प्रेमियों का संगम छूट गया
और आप कह रहें हैं पेड़ टूट गया
हजा़रों राहगीरों की मंजिंल टूट गई
और आप कह रहें हैं पेड़ टूट गया
हजा़रों वासियों की यादें भिकर गई
और आप कह रहें हैं पेड़ टूट गया
अल्मोड़ा की शान ढह गई
और आप कह रहें हैं पेड़ टूट गया

  • शिवांश व अनुभूति

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