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बागेश्वर जिले के 34 गांव जहां सबसे ज्यादा पलायन हुआ है के लिए विशेष कार्य योजना

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संजय कुमार अग्रवाल

बागेश्वर 04 सितम्बर, 2020। जनपद बागेश्वर में पलायन से प्रभावित ग्रामों हेतु सघन रणनीति के तहत कार्ययोजना तैयार करने के संबंध में जिलाधिकारी विनीत कुमार की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि ग्राम्य विकास विभाग एवं पलायन आयोग द्वारा राज्य में विस्तृत सर्वेक्षण कियें जाने के उपरान्त उत्तराखंड प्रदेश के 474 ऐसे ग्रामों की सूची उपलब्ध करायी गयी हैं जिसमें 50 प्रतिशत तक पलायन हो चुका हैं, जिसमें ंप्रथम चरण में पलायन प्रभावित 254 गांवो को प्रथम चरण में ऐसी सघन रणनीति के तहत आच्छादित किया जायेगा, जिसमें जनपद बागेश्वर के 34 गांवों को चिन्हिकरण किया गया हैं जिसमें जनपद बागेश्वर के 33 गॉव चिन्हित है, जिसमें सघन रणनीति के तहत कार्ययोजना तैयार कर चिन्हित गांवो में सभी रेखीय विभागों द्वारा आगामी 03 वर्षो में चरणबद्ध रूप से वर्तमान में संचालित विभिन्न कल्याणकारी केन्द्र पोषित, राज्य पोषित तथा बाह्य सहायतित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही विभिन्न नवाचार विशेष परियोजनायें सी0एस0आर0/अन्य वित्तीय संस्थानों द्वारा प्राप्त निधियों का उपयोग करते हुए गांव को संतृप्त किया जायेगा, जिसके लिए संबंधित रेखीय विभागों द्वारा चयनित गॉवों में किये जाने वाले कार्यों के लिए कार्ययोजना तैयार की गयी है।

जिसमें सेवायोजन द्वारा चिन्हित गॉव में कौशल विकास हेतु प्रचार-प्रसार एवं कैरियर काउंसलिंग हेतु 1.65 लाख की धनराशि रखी गयी है तथा लघु सिंचारई द्वारा सिंचाई गूल मरम्मत कार्य हेतु 163.62 लाख, सिंचार्इ विभाग द्वारा 08 ग्राम पंचायतों में नहर जीर्णोद्वार कार्य हेतु 254.49 लाख, लघुडाल द्वारा नरग्वाडी में लिफ्ट सिंचार्इ योजना हेतु 110 लाख, पशुपालन विभाग द्वारा प्रशिक्षण चूजा जाली वितरण के लिए 4.97 लाख, डयेरी विभाग द्वारा उत्पादन प्रशिक्षण के लिए 5.47 लाख, स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिन्हित गॉव में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाये जाने के हेतु 14.50 लाख, उरेड़ा द्वारा 24 ग्रामों में पथ प्रकाश व्यवस्था हेतु 45.52 लाख, लोक निर्माण विभाग द्वारा 03 गॉव में सड़क निर्माण हेतु 1080 लाख, आजीविका द्वारा बकरी पालन, मुर्गी पालन, फल प्रस्सकरण एवं विपणन के हेतु 57 लाख की धनराशि प्रस्तावित की गयी है, जिसमें चिन्हित गॉव में किये जाने वाले विकास कार्यों हेतु कुल 1757.46 लाख की धनराशि प्रस्तावित की गयी है।

बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये है कि पलायन आयोग द्वारा जनपद के चिन्हित गांवों में एक सघन रणनीति के तहत कार्ययोजना तैयार की जाय, जिसका मुख्य उद्देश्य गॉवों में विकास योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है, ताकि गॉवों से हो रहे पलायन को शून्य किया जा सकें, इसके लिए सभी विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रभावित गॉवों के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करें, ताकि संचालित विभागीय योजनाओं से इन गांवों को आच्छादित किया जा सकें।

उन्होने यह भी निर्देश दिये है कि जिन विभागों द्वारा अपनी योजनाओं में संशोधन किया जाना हैं, वे विभाग गॉवों में पुन: सर्वेक्षण करते हुए पुन: प्रस्ताव शीघ्रता से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें ताकि उन पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करायी जा सके। उन्होंने संबंधित विभागों को यह भी निर्देश दिये है कि जो कार्य जिला योजना से कराये जा सकते है उसके लिए धनराशि का प्राविधान जिला योजना में रखा जाय, ताकि उसके लिए धनराशि जिला योजना से स्वीकृत की जा सके।

बैठक में जिलाधिकारी द्वारा उरेडा विभाग द्वारा चयनित गांवो में पथ प्रकाश व्यवस्था हेतु लगायी जाने वाली सोलर लार्इट के संबंध में मुख्य विकास अधिकारी को कमेटी का गठन करते हुए जिला पांचायत राज अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी से पुन: सर्वेक्षण कराने के निर्देश दियें, इसी के साथ ही लघु डाल द्वारा नरवाडी में प्रस्तावित लिफ्ट सिंचाई योजना से आच्छादित होने वाले गांवों का जिला विकास अधिकारी, मुख्य कृषि अधिकारी सहित संबंधित विभागों द्वारा सर्वेक्षण कराते हुए आंख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दियें। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग द्वारा सिंचा ई नहरों के जीर्णोद्धार के लिए अधि0अभि0 सिंचाई को निर्देश दियें कि गांवों में सिंचाई के लिए बेहतर एवं नर्इ तकनीक के साथ कार्ययोजना तैयार की जाय, तथा बनायी जाने वाली नहरें अंडर ग्राउड एवं इसमें एच0डी0पी0र्इ0 पार्इप का इस्तेमाल किया जाय, ताकि योजना का लाभ क्षेत्रावासियों को दीर्घकालीन तक उपलब्ध हो सकें। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधीकारी डॉ0बी0डी0जोशी, अधि0अभि0 लोनिवि के0के0तिलारा, लघु सिंचार्इ नरेश कुमार, सिंचाई एके जॉन, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 कमल पंत, सहायक अभीयन्ता लघु डाल रवि नैलवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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