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ग्रामीण किसानो को परंपरागत कृषि से जोड़ने का नया प्रयोग हैं रुद्रप्रयाग जिले का बांदन्यू ,शिवपुरी इलाका

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सतेन्द्र सिंह बिष्ट
रुद्रप्रयाग।भारत सरकार की महत्वकांक्षी परंपरागत कृषि विकास योजना से ग्रामीणों व कास्तकारों को कैसे आत्मनिर्भर बनाया जाय, व उनकी आय को 2022 तक दोगुनी कैसे की जाए, व युवाओं को परम्परागत कृषि से कैसे जोड़ा जाए , को लेकर अब उत्त्तराखंड का कृषि विभाग ग्रामीणों के साथ प्रवासी युवाओं को प्रेरित करने में लग गया है । इस मुहिम में अब किसानों का साथ ग्राम विकास अधिकारी भी देने लग गए हैं।इसी कड़ी को आगे बढ़ने के लिए रुद्रप्रयाग जिले के कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी सुघर सिंह वर्मा के निर्देशन में न्याय पंचायत पौड़ीखाल प्रभारी सहायक कृषि अधिकारी राजेन्द्र सिंह रौथाण,ग्राम पंचायत चौंथला ग्राम विकास अधिकारी धनपाल सिंह नेगी कनिष्ठ अभियंता कृषि विक्रम सिंह जगवाण ने क्षेत्र में किये जा रहे कृषि सम्बन्धी कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करके युवाओं को कृषि सम्बंधित जानकारिया दी।

गौरतलब हैं कि बचन्श्यू क्षेत्र की न्याय पंचायत पौड़ी खाल को जिलाधिकारी द्वारा दलहन के लिए चयनित किया गया है, जिसको लेकर विगत दिवस अधिकारियों ने ग्रामीणों, प्रवासी युवाओं को साथ लेकर पराम्परागत कृषि विकास योजना की शुरुवात ग्राम बांदन्यू से की हैं। इस दौरान युवाओं में सतेन्द्र सिंह बिष्ट,धीरेन्द्र सिंह ,भरत सिंह,रघुबीर सिंह,केवल सिंह ,शिवपुरी निवासी कमल सिंह बिष्ट,आशिष असवाल व मनोज असवाल द्वारा वर्षा के दौरान खेतों की मेंढ़ों पर पांच -पांच मीटर की दूरी पर एक मीटर गहरी,व एक मीटर चौड़ाई के गढ़े कर फलदार पौध लगाने की पहल की ।

सहायक कृषि अधिकारी राजेन्द्र सिंह रौथाण का कहना है कि इससे खेतों के मेंढ़ों पर फलदार वृक्षों से व खेतों के मध्य भाग में कास्तकार दलहन साग-सब्जी उगा कर दोहरा लाभ ले सकते हैं , इस प्रकार परम्परागत कृषि से बंजर भूमि भी आबाद हो जाएगी। सरकार की भी मंशा है कि कास्तकार आत्मनिर्भर, स्वावलंबन बने, उसकी आय दोगुनी हो सके,बेरोजगारी, पलायन जैसी समस्या से भी निजात मिल सके और कास्तकारों की आर्थिकी में भी सुधार हो।

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