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उत्तराखंड : कोरोना से मौत पर आश्रित को मिलेगी एक लाख की सहायता राशि

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राजसत्ता न्यूज़ ब्यूरो

नैनीताल 4 जून: मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की गहनता से समीक्षा की। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड के कोरोना संक्रमित की मृत्यु पर आश्रित को एक लाख रूपये की सहायता राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कन्टेनमेंट जोन में गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिये। कन्टेनमेंट जोन के बाहर भी फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क की अनिवार्यता के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जाए तथा जो व्यक्ति इनका पालन न करें, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। इसके लिए फील्ड सर्विलांस पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से कहा कि क्वारेंटाईन सेंटरो में आवश्यक सुविधाऐं तत्परता से उपलब्ध करायी जाये। होम क्वारेंटाईन का मानकों के अनुरूप पालन हो रहा है या नहीं, इस पर लगातार आकस्मिक निरीक्षण भी किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में बनाये गये क्वारेंटाईन केन्द्रो पर ग्राम प्रधानों से समन्वय के लिए आवश्यक कर्मचारियों की तैनाती तथा मोनीटरिंग अवश्य की जाये। मुख्यमंत्रीं ने कहा कि ग्राम प्रधानों के लिए शासन द्वारा जो धनराशि अवमुक्त हुई है, उसेे तत्काल ग्राम प्रधानों को निर्गत कर दी जाये। उन्होंने कहा कि जिलों में कोरोना पोजिटिव मरीजो की भर्ती व उनके ईलाज के लिए कोविड केयर सेंटर में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बनाते हुए प्रशिक्षित स्टाफ तथा आवश्यक उपकरणों एवं दवाईयों की भी व्यवस्था हो। गंभीर मरीजों को ही कोविड अस्पतालों के लिए रेफर किया जाये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से लङाई में जन सहयोग बहुत जरूरी है। हमें लोगों को साथ लेकर ये लङाई लङनी है। सख्ती और जागरूकता हमारे दो प्रमुख अस्त्र हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित में में कड़े फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार व रविवार दो दिन देहरादून में पूर्ण बंद कर सेनेटाइजेशन करवाया जाएगा। कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए देहरादून की निरंजनपुर सब्जी मण्डी को बंद करते हुए जिलाधिकारी द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि फ्रंटलाईन वारियर्स की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाए। श्री रावत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राशन की कालाबाजारी की शिकायत नहीं आनी चाहिए। राशन की कालाबाजारी करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि हर जरूरतमंद तक राशन पहुंचना चाहिए।

सचिव वित्त अमित नेगी ने कहा कि कोविड-19 के लिए कुल 686 करोड़ रूपए का बजट उपलब्ध कराया जा चुका है। इसमें एनएचएम को 160 करोङ रूपए, चिकित्सा शिक्षा को 150 करोड़, एसडीआरएफ से स्वास्थ्य को 16 करोड़ रूपए, जिला प्लान में 150 करोड़ रूपए, डीएम फंड में 70 करोड़ रूपए, सीएम राहत कोष से 50 करोड़ रूपए और एसडीआरएफ से जिलाधिकारियों को 90 करोङ रूपए उपलब्ध कराए गए हैं। बजट की कोई कमी नहीं है।

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